लखीमपुर खीरी , अप्रैल 26 -- उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में संभावित बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने अटल सभागार में विधायक योगेश वर्मा और रोमी साहनी की मौजूदगी में जिलास्तरीय बाढ़ स्टीयरिंग ग्रुप की बैठक कर संबंधित विभागों को कारगर और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान विधायक योगेश वर्मा और रोमी साहनी ने भी अपने सारगर्भित विचार रखते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए बाढ़ चौकियों, बाढ़ राहत केंद्रों, बाढ़ शरणालयों और लंगर स्थलों का चयन शीघ्र किया जाए। साथ ही तहसील स्तर पर उपलब्ध सरकारी और गैर-सरकारी नावों, नाविकों तथा गोताखोरों की उपलब्धता का आकलन कर प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए।

उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान प्रभावित लोगों को मूलभूत सुविधाओं से वंचित न रहना पड़े, इसके लिए राहत शिविरों को सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त बनाया जाए। वहां पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि चिकित्सा शिविरों में ओआरएस, क्लोरीन की गोलियां, सेनेटरी नैपकिन सहित अन्य आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

मुख्य विकास अधिकारी अभिषेक कुमार ने बंधों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए 31 मई तक सभी परियोजनाएं हर हाल में पूरी करने की सख्त समयसीमा तय की। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील क्षेत्रों की गौशालाओं को चिन्हित कर बाढ़ के दौरान गोवंश की शिफ्टिंग की ठोस योजना बनाई जाए। साथ ही फ्लड फाइटिंग के लिए मैनपावर, वाहन और अन्य संसाधनों की समय रहते उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।

अपर जिलाधिकारी नरेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि प्रत्येक प्रभावित क्षेत्र के लिए कम्युनिकेशन प्लान तैयार करना अनिवार्य है। उन्होंने निर्देश दिया कि संबंधित गांवों के प्रधान, कोटेदार, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और प्रबुद्ध नागरिकों को व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से जोड़कर सतत संवाद स्थापित किया जाए, ताकि आपात स्थिति में सूचनाओं का त्वरित आदान-प्रदान संभव हो सके।

बैठक में अधिशासी अभियंता बाढ़ खंड अजय कुमार ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले की बाढ़ संवेदनशीलता का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि जिले में 12 बाढ़ निरोधी परियोजनाओं पर कार्य जारी है, जिनमें अब तक लगभग 15 प्रतिशत प्रगति हुई है। ड्रेनों की सफाई, अधिकतम डिस्चार्ज, औसत वर्षा और फ्लड फाइटिंग के लिए उपलब्ध संसाधनों की जानकारी भी साझा की गई।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित