लखनऊ , अप्रैल 2 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बांग्लादेश से विस्थापित 331 हिंदू परिवारों का पुनर्वास लखीमपुर-खीरी जिले की विभिन्न तहसीलों के गांवों में किया गया है।
प्रशासन के अनुसार, ये परिवार अब स्थायी रूप से यहां रह रहे हैं और उन्हें आजीविका के लिए भूमि सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है। पुनर्वास के तहत धौरहरा तहसील के सुजानपुर गांव में 97 परिवार, मोहम्मदी तहसील के मोहनपुर ग्रन्ट में 41 और मियांपुर गांव में सर्वाधिक 156 परिवारों को बसाया गया है। इसके अलावा गोला तहसील के ग्रन्ट नंबर-3 में 37 परिवारों को बसाया गया है।
इन परिवारों को बसाने के साथ ही कृषि कार्य के लिए पर्याप्त जमीन भी उपलब्ध कराई गई है। गोला तहसील के ग्रन्ट नंबर-3 में प्रत्येक परिवार को औसतन 3 एकड़ भूमि दी गई है। सुजानपुर गांव में 60 परिवारों को औसतन 1.620 हेक्टेयर तथा 37 परिवारों को करीब 0.607 हेक्टेयर भूमि आवंटित की गई है। मोहम्मदी तहसील के मोहनपुर ग्रन्ट में 15 परिवारों को 3 एकड़, 9 परिवारों को 7 एकड़ और 17 परिवारों को 5 एकड़ कृषि भूमि का पट्टा दिया गया है। वहीं मियांपुर गांव में बसे 156 परिवारों को प्रति परिवार लगभग 4.75 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई गई है, जिससे वे खेती कर अपनी आजीविका चला रहे हैं।
प्रशासन के अनुसार, इन परिवारों को केवल भूमि ही नहीं, बल्कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। इनमें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना, पेंशन योजनाएं और सुकन्या समृद्धि योजना शामिल हैं। इसके अलावा राशन वितरण, टीकाकरण, मनरेगा, मिड-डे मील, समग्र शिक्षा योजना, स्वच्छ भारत मिशन और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से इन गांवों में बुनियादी सुविधाएं भी सुनिश्चित की गई हैं।
जिलाधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल ने बताया कि बांग्लादेश से विस्थापित होकर आए इन 331 परिवारों को जनपद की तीन तहसीलों में बसाया गया है। उन्होंने कहा कि सभी परिवारों को कृषि योग्य भूमि के साथ-साथ सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ प्रदान किया जा रहा है, जिससे उनका जीवन स्तर बेहतर हो रहा है।
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