लखनऊ , जनवरी 14 -- उत्तर प्रदेश में मकर संक्रांति के मौके पर होने वाली पतंगबाजी के बढ़ने के बीच लखनऊ मेट्रो ने आमजन से अपील की है कि मेट्रो कॉरिडोर, ट्रैक के आसपास पतंग न उड़ाएं।

मेट्रो प्रशासन का कहना है कि पहले भी पतंगबाजी के कारण मेट्रो संचालन प्रभावित हुआ है, जिससे यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ी।

लखनऊ मेट्रो ने कहा कि चीनी मांझा और धातुयुक्त धागा बिजली का सुचालक होता है। इससे शॉर्ट सर्किट हो सकता है, जो न सिर्फ लोगों की जान-माल के लिए खतरा बनता है, बल्कि मेट्रो की ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (ओएचई) प्रणाली को भी गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।

अधिकारियों ने बताया कि यदि धातुयुक्त धागा ओएचई लाइन में फंस जाए तो ट्रिपिंग की स्थिति बनती है, जिसके चलते बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है और मेट्रो सेवाएं रोकनी पड़ सकती हैं। कई मामलों में पतंग उड़ाने वाले लोग भी घायल हुए हैं।

मेट्रो ने चेतावनी दी है कि नियमों के तहत मेट्रो संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर मेट्रो रेलवे अधिनियम 2002 की धारा 78 के अंतर्गत कार्रवाई की जा सकती है। इसमें 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।

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