मुंबई , फरवरी 25 -- महाराष्ट्र के विधायक रोहित पवार ने अजित पवार की विमान दुर्घटना के संबंध में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट पर कई सवाल उठाए हैं।

राज्य विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद गुट) के विधायक रोहित पवार ने कहा कि महाराष्ट्र की जनता दुर्घटना के पीछे का सच जानना चाहती है। उन्होंने पूछा, "क्या यह महज एक दुर्घटना थी या तोड़फोड़ की कार्रवाई? वास्तव में क्या हुआ था और इसके लिए कौन जिम्मेदार था?" उन्होंने कहा कि कई सवालों के जवाब अभी भी मिलने बाकी हैं।

श्री पवार ने कहा कि दुर्घटना के पीछे के रहस्य के बारे में चाय की दुकानों से लेकर सोशल मीडिया तक हर जगह चर्चा हो रही है और कई लोग अजित पवार के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। उन्होंने डीजीसीए की रिपोर्ट का हवाला देते हुए जांच में कथित विसंगतियों की ओर इशारा किया और दावा किया कि 28 जनवरी को, जब अजित पवार का पार्थिव शरीर अस्पताल में था, उसी दिन दोपहर 01ः36 बजे डीजीसीए ने अपनी पहली रिपोर्ट जारी की थी। रिपोर्ट में कहा गया था कि कोई 'लेवल 1' सुरक्षा समस्या नहीं थी। श्री पवार ने कहा कि ऐसा लगा कि संबंधित विमानन कंपनी वीएसआर को क्लीन चिट दे दी गई है।

विधायक ने आरोप लगाया कि एक मंत्री, जिनके इस्तीफे की मांग की गई है, उन्होंने भी कंपनी को बचाने का प्रयास किया। हालांकि, उन्होंने उल्लेख किया कि मंगलवार को जारी नवीनतम रिपोर्ट में डीजीसीए ने कुछ खामियों को स्वीकार किया है, हालांकि मामले की गंभीरता की तुलना में यह एक 'मामूली स्वीकृति' है।

श्री पवार ने डीजीसीए और नागरिक उड्डयन मंत्रालय पर भी वीएसआर को बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार भले ही यह दिखा रही है कि सख्त कार्रवाई की गई है, लेकिन वास्तव में एयरलाइन को अपनी कमियां सुधारने के बाद अप्रत्यक्ष रूप से परिचालन फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी गई है।

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