चंडीगढ़ , दिसंबर 30 -- पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरियाणा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार लगातार नये रिकॉर्ड बना रहा है।
उन्होंने कहा कि एनसीआरबी की ताजा रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि वर्ष 2021 से 2023 के बीच भ्रष्टाचार के मामलों में 186 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गयी है। यह आंकड़े भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज मुकदमों पर आधारित हैं, जो सरकार के सुशासन के दावों की पोल खोलते हैं।
श्री हुड्डा ने कहा कि यह स्थिति तब है, जब सरकार बड़े-बड़े घोटालों को दबाने का प्रयास करती है और उनकी निष्पक्ष जांच तक नहीं होने देती। इसके बावजूद आये दिन कोई न कोई नया घोटाला सामने आ जाता है। हाल ही में उजागर हुआ धान खरीद घोटाला इसका बड़ा उदाहरण है, जो हर फसली सीजन में दोहराया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि असंध मंडी में 112 गाड़ियों के 570 फेरे केवल कागजों में दिखाये गये, जबकि वास्तव में धान की ढुलाई हुई ही नहीं। इस तरह 39.24 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया। इसी तरह घरौंडा मंडी में बिना धान की आवक के फर्जी गेट पास के जरिए 11,628 क्विंटल धान की खरीद दर्शाई गयी। यहां तक कि धान की ढुलाई के लिए बाइक और ऑटो का इस्तेमाल दिखाकर 2.56 करोड़ रुपये का घोटाला किया गया।
श्री हुड्डा ने आरोप लगाया कि यह धान घोटाला सैकड़ों करोड़ रुपये का है, लेकिन सरकार केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई कर रही है, जबकि असली दोषियों को बचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने घोटालों पर घोटाले कर हरियाणा की अर्थव्यवस्था को खोखला कर दिया है। वर्ष 1966 से 2014 तक प्रदेश पर करीब 60 हजार करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अब बढ़कर 5 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है। नीति आयोग के राजकोषीय मजबूती सूचकांक में हरियाणा 18 राज्यों में 14वें स्थान पर पहुंच चुका है, जो प्रदेश की चिंताजनक आर्थिक स्थिति को दर्शाता है।
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