जयपुर , अप्रैल 25 -- उत्तर पश्चिम रेलवे के सबसे बड़े जयपुर मंडल में रेल यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए खातीपुरा में अत्याधुनिक रखरखाव सुविधाओं के प्रावधान के साथ एक व्यापक योजना विकसित की गई है।
रेलवे के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार जयपुर मंडल में जयपुर स्टेशन से 30 से अधिक ट्रेनें चलती हैं और प्रतिदिन लगभग 128 ट्रेनें गुजरती हैं। जयपुर से चलने वाली ट्रेनों की संख्या को और बढ़ाने के लिए यह व्यापक योजना विकसित की गई है, जिसके शीघ्र ही चालू होने की संभावना है।
जयपुर मंडल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने में अग्रणी रहा है और इसमें स्वच्छ चादरें उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। हाल में जयपुर मंडल भारतीय रेलवे में पहला मंडल बना जिसने ट्रेन संख्या 12981 एवं 12982 (जयपुर- असारवा-जयपुर) के सभी एसी कोच यात्रियों के लिए कंबल कवर उपलब्ध कराए। इस पहल का उद्घाटन रेल मंत्री ने किया और यात्रियों से इसे बहुत सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इसी के आधार पर हाल में शुरू की गई न्यू जलपाईगुड़ी से हावड़ा जाने वाली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में भी सभी कोचों में कंबल कवर उपलब्ध कराए गए हैं।
प्रत्येक एसी कोच के यात्री को दो बेडशीट, एक फेस टॉवल, एक पिलो कवर, एक कंबल और एक तकिया वाला बेडरोल किट दिया जाता है। यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए रेलवे प्रत्येक यात्रा के बाद बेडशीट, पिलो कवर, फेस टॉवल और कंबल कवर धोता है ताकि उन्हें साफ-सुथरा रखा जा सके। लॉन्ड्री में भाप आधारित धुलाई प्रक्रिया का उपयोग किया जाता है, जो न केवल कपड़ों की पूरी तरह से सफाई सुनिश्चित करती है बल्कि उन्हें प्रभावी ढंग से कीटाणुरहित भी करती है, जिससे उच्चतम स्वच्छता मानकों के अनुसार रोगाणु और जीवाणु नष्ट हो जाते हैं।
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