धार , दिसंबर 20 -- मध्यप्रदेश के आदिवासी बाहुल्य धार जिले में रेल परियोजना को लेकर कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। धार और गुणावद के बीच रेल पटरी बिछाने का कार्य प्रगति पर है। लगभग 18 किलोमीटर के इस हिस्से में पटरी बिछाने का काम अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है। कुछ स्थानों पर अभी पटरी नहीं बिछाई जा सकी है। इसका कारण यह है कि उन स्थानों पर रेलवे ओवरब्रिज और अंडरब्रिज का निर्माण कार्य चल रहा है, जिसके चलते कनेक्टिविटी पूरी नहीं हो पाई है। ऐसे महत्वपूर्ण हिस्सों में अभी पुलों के निर्माण का इंतजार किया जा रहा है।
रेलवे अब इस सेक्शन में ट्रायल अगले साल मार्च तक कर सकता है।
दरअसल इंदौर-दाहोद रेल परियोजना के तहत व्यापक स्तर पर कार्य प्रस्तावित है, लेकिन फिलहाल पूरा फोकस धार और इंदौर के बीच कनेक्टिविटी पर है। इंदौर से पीथमपुर तक पहले ही रेल परियोजना का कार्य पूर्ण हो चुका है। वहीं पीथमपुर के पास इंदौर से पीथमपुर तक परियोजना का कार्य पूर्ण हो चुका है। टीही क्षेत्र में टनल निर्माण का कार्य अंतिम चरण में है, जिसमें अभी कुछ महीने का समय और लग सकता है। सबसे प्रमुख लक्ष्य के तहत धार से गुणावद के बीच 18 किलोमीटर के हिस्से में रेलवे द्वारा विशेष तकनीक के माध्यम से पटरी बिछाने का कार्य अंतिम चरण में किया जा रहा है। चार रेलवे स्टेशन तक पटरी बिछाने का काम शुरू हो चुका है, जो अब लगभग पूर्णता की ओर है।
धार रेलवे स्टेशन भी अब आकार लेने लगा है। स्टेशन परिसर में यात्री प्रतीक्षालय और बैठने की सुविधाओं से जुड़े कार्य तेजी से चल रहे हैं। प्लेटफार्म शेड लगाने का काम शुरू हो चुका है। आगामी दिनों में स्टेशन का स्वरूप और अधिक स्पष्ट नजर आएगा।
18 किलोमीटर के पूरे हिस्से में सतत पटरी बिछाना फिलहाल संभव नहीं है, क्योंकि बीच-बीच में सड़क क्रॉसिंग हैं। ऐसे करीब 6 से 7 स्थान है, जहां रेलवे ओवरब्रिज बनाए जा रहे हैं।
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