पटना , अप्रैल 08 -- पटना नगर निगम की ओर से चलाया जा रहा आवारा कुत्तों के टीकाकरण एवं नसबंदी का अभियान राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
पिछले छह महीनों में निगम की ओर से विशेष अभियान चलाकर 7,333 आवारा कुत्तों की नसबंदी और एंटी-रेबीज टीकाकरण का कार्य पूरा किया गया है।
राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत किसी भी क्षेत्र में कम से कम 70 प्रतिशत कुत्तों का टीकाकरण आवश्यक माना गया है, जिससे रेबीज संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ा जा सके। इसी उद्देश्य से पटना नगर निगम की ओर से सभी वार्डों में लगातार कार्रवाई की जा रही है।आवारा कुत्तों से संबंधित शिकायतों के लिए पटना नगर निगम ने विभिन्न माध्यम उपलब्ध कराए हैं। नागरिक कंट्रोल रूम नंबर 0621-2200634 और 9264447449, टोल-फ्री हेल्पलाइन 155304 तथा वॉट्सऐप नंबर 9472223909 पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
पटना नगर निगम की ओर से प्राप्त शिकायतों के निष्पादन के साथ-साथ सभी वार्डों में स्वयं भी टीकाकरण से वंचित कुत्तों की पहचान कर कार्रवाई की जा रही है। विभिन्न माध्यमों से अब तक कुल 366 शिकायतें प्राप्त हुई हैं, जिनका निष्पादन सुनिश्चित किया गया है।सड़क किनारे फैली गंदगी और खुले में पड़े खाद्य पदार्थ शहर में आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ाने का एक बड़ा कारण हैं। कुत्ते इन्हीं स्थानों पर भोजन तलाशते हैं और वहीं अपना भरण-पोषण करते हैं। इसके अलावा, कई पशु प्रेमी भी सड़कों और गलियों में कुत्तों को बिस्किट तथा अन्य खाद्य सामग्री खिलाते हैं। इससे एक ओर जहां कुत्तों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, वहीं दूसरी ओर वे लगातार एक ही स्थान पर जमा होने लगते हैं, जिससे आसपास के लोगों को परेशानी होती है और आवारा कुत्तों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी रहती है।
इसी समस्या के समाधान के लिए पटना नगर निगम की ओर से प्रत्येक वार्ड में लगभग 10x10 फीट क्षेत्रफल वाले स्थानों की पहचान की गई है, जिन्हें विशेष डॉग फीडिंग जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। इन निर्धारित स्थानों पर लोग कुत्तों को भोजन उपलब्ध करा सकते हैं, जिससे शहर में स्वच्छता बनी रहे, आवारा कुत्तों की अनियंत्रित आवाजाही कम हो और नागरिकों तथा पशुओं, दोनों के हितों की रक्षा हो सके।
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