, Dec. 2 -- तेल अवीव, 02 दिसंबर (वार्ता/शिन्हुआ) इजरायल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने पुष्टि की है कि रेड क्रॉस उसे गाजा पट्टी से दो मृत बंधकों से संबंधित अंतिम "सामग्री" को सौंपने के लिये तैयार है, जो अभी भी युद्धग्रस्त क्षेत्र के मलबे में कहीं दबे हुए हैं।
पीएमओ अधिकारियों ने कहा कि इन सामानों को जांच के लिए यहां अबू कबीर फोरेंसिक संस्थान में ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे दो मृतक बंदियों पुलिस मास्टर सार्जेंट रान ग्विली और थाई नागरिक सुदथिसाक रिन्थालाक के परिवारों के साथ लगातार संपर्क में हैं।
संघर्ष विराम कायम रखने एवं शांति प्रक्रिया के अगले चरण को आगे बढ़ाने के लिए इज़रायल की प्राथमिक शर्तों में से एक शर्त सभी बंधकों की, जीवित एवं मृत वापसी है। इसके तहत 20 जीवित बंदियों को तुरंत वापस कर दिया गया लेकिन हमास आतंकवादियों ने अभी तक सभी शव नहीं लौटाए हैं।
समूह का दावा है कि गाजा में विशाल मलबा होने कारण उन्हें सटीक स्थान का पता नहीं है। इजरायल रक्षा बलों (आईडीएफ) ने तर्क दिया है कि अक्टूबर में दोनों पक्षों के बीच असहज संघर्षविराम समझौते पर पहुंचने के बाद, शांति प्रक्रिया को रोकने के लिए वे जानबूझकर इस वापसी में देरी कर रहे हैं।
हाल ही में कई ऐसे मामले सामने आए हैं जिनमें इस तरह के सामान की 'खोज' को इजरायल को सौंपे गए बंधकों से संबंधित माना गया, हालांकि बाद में यह पुष्टि हुई कि वे किसी भी बंधक से संबंधित नहीं थे। मुख्य मध्यस्थ पक्ष के रूप में कतर ने आशा व्यक्त की है कि गाजा शांति समझौते के लिए अगले चरण की बातचीत के लिए इज़रायल और हमास को बातचीत की मेज पर लाया जा सकता है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित