नयी दिल्ली , अप्रैल 03 -- दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शुक्रवार को राजधानी में वायु प्रदूषण के खिलाफ निर्णायक और व्यापक अभियान के तहत वायु प्रदूषण शमन कार्य योजना- 2026 लागू करने की घोषणा की।

प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण को लेकर मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज 'मुख्यमंत्री जनसेवा सदन' में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में केबिनेट मंत्री प्रवेश साहिब सिंह, मनजिंदर सिंह सिरसा, डॉ. पंकज कुमार सिंह, मुख्य सचिव राजीव वर्मा, दिल्ली मेट्रो रेल निगम, याताया पुलिस व सरकार के सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रीन बजट के जरिए दिल्ली सरकार ने साफ हवा और पर्यावरण को अपनी प्राथमिकता बनाया है। इस बजट में साफ परिवहन, धूल पर नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, हरियाली बढ़ाने और प्रदूषण की निगरानी के लिए पर्याप्त धन दिया गया है। वायु प्रदूषण शमन कार्य योजना- 2026 इन्हीं योजनाओं को तय समय में और पूरी जिम्मेदारी के साथ लागू करेगा। उन्होंने कहा कि यह केवल घोषणा नहीं, बल्कि संसाधनों, तकनीक और सख्ती के साथ चलाया जा रहा अभियान है, जिसका मकसद दिल्ली के हर नागरिक को साफ और बेहतर हवा देना है।

उन्होंने कहा कि वाहन से होने वाले प्रदूषण पर सरकार सख्ती से कार्रवाई कर रही है और इस मामले में बिल्कुल भी ढील नहीं दी जाएगी। 'नो पीयूसी-नो फ्यूल' (बिना पीयूसी - ईंधन नहीं) नियम को कड़ाई से लागू किया जा रहा है, जिसके लिए एएनपीआर कैमरे और डिजिटल सिस्टम लगाए जा रहे हैं। आगामी एक नवंबर से ऐसे मालवाहक वाहनों को दिल्ली में आने की अनुमति नहीं होगी जो बीएस-6, सीएनजी या इलेक्ट्रिक नहीं हैं और बिना जरूरी काम के आने वाले ट्रैफिक पर भी नियंत्रण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जब प्रदूषण बहुत ज्यादा बढ़ेगा, तब तुरंत असर के लिए दफ्तरों के समय में बदलाव, वर्क फ्रॉम होम और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर अतिरिक्त रोक जैसे कदम उठाने पर भी विचार होगा ताकि हवा को जल्दी साफ किया जा सके।

मुख्यमंत्री के अनुसार सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए सरकार बड़े स्तर पर निवेश कर रही है। वर्ष 2028-29 तक बसों की संख्या बढ़ाकर 13,760 करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें इलेक्ट्रिक बसों पर विशेष जोर होगा। मेट्रो और आरआरटीएस नेटवर्क के साथ फीडर बसों, ई-ऑटो और अन्य साझा परिवहन साधनों को जोड़कर अंतिम मील कनेक्टिविटी को बेहतर बनाया जा रहा है, जिससे लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता दें।

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए अगले चार वर्षों में 32,000 ईवी चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जाएंगे। आगामी ईवी पॉलिसी 2026 में दोपहिया और कमर्शियल वाहनों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, सरकारी वाहनों को भी स्वच्छ ईंधन में परिवर्तित किया जाएगा। यह पहल दिल्ली को कम उत्सर्जन वाले और भविष्य के लिए तैयार परिवहन तंत्र की ओर ले जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 3,500 किलोमीटर सड़कों का व्यापक पुनर्विकास किया जा रहा है, जिसमें पक्की सड़क, हरित पट्टी और यूटिलिटी डक्ट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। वैज्ञानिक रोड एसेट मैनेजमेंट सिस्टम और समयबद्ध गड्ढा मरम्मत प्रणाली के जरिए धूल उत्पन्न होने की समस्या को जड़ से समाप्त किया जाएगा और बुनियादी ढांचे को दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाया जाएगा। निर्माण गतिविधियों से होने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली लागू की जा रही है।

उन्होंने कहा कि इस एक्शन प्लान में इनोवेशन और जनभागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है। शोध संस्थानों, तकनीकी विशेषज्ञों और स्टार्टअप्स के सहयोग से नई तकनीकों को बढ़ावा दिया जाएगा, जबकि नागरिकों को जागरूकता अभियान और रिपोर्टिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से इस अभियान का सक्रिय भागीदार बनाया जाएगा।

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