फगवाड़ा , दिसंबर 30 -- विदेश में रोजगार की तलाश में गये भारतीय युवाओं की मौत और अन्य के लापता होने की पुष्ट रिपोर्टों के बाद रूस में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंताओं ने निर्णायक राजनयिक हस्तक्षेप की मांग को फिर से बुलंद कर दिया है।
पूर्व सांसद अविनाश राय खन्ना ने मंगलवार को विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर को पत्र लिखकर उन खबरों पर गहरी चिंता व्यक्त की है, जिनमें कहा गया है कि काम की तलाश में रूस पहुंचे भारतीय युवाओं, जिनमें पंजाब के कई लोग भी शामिल हैं, को कथित तौर पर रूसी सेना में भर्ती होने के लिए मजबूर किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 10 भारतीय नागरिकों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि चार अन्य लापता हैं, जिससे उनके परिवार लंबे समय से संकट में हैं।
श्री खन्ना ने जोर दिया कि रूस के साथ भारत के लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों के कारण कई युवा भारतीय रूस को रोजगार के लिए एक सुरक्षित गंतव्य मानते हैं, इसलिए दोनों सरकारों के लिए उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना अत्यावश्यक है। उन्होंने कहा कि मृतकों में पंजाब, उत्तर प्रदेश और जम्मू के युवा शामिल हैं, जिन्होंने कथित तौर पर रूस-यूक्रेन संघर्ष के दौरान अपनी जान गंवाई। रूसी सेना के रिकॉर्ड के अनुसार, उनकी मृत्यु की पुष्टि परिवारों तक महीनों की अनिश्चितता के बाद पहुंची, जिससे उनका दुख और भी बढ़ गया। चार भारतीय नागरिक अभी भी आधिकारिक तौर पर लापता हैं, जिनके बारे में परिवार बेसब्री से जानकारी प्राप्त करना चाहते हैं।
लापता युवकों की खोज में जगदीप सिंह जैसे भारतीय नागरिकों की व्यक्तिगत पहल भी शामिल है, जिन्होंने अपने भाई और संघर्ष में फंसे अन्य भारतीयों की तलाश में दो बार रूस की यात्रा की। भाषा संबंधी बाधाओं सहित कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, उनकी खोज से मृतकों की आधिकारिक पुष्टि करने में मदद मिली। उनके दस्तावेज़ राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल के कार्यालय में जमा किये गये, जिन्होंने बाद में विदेश मंत्रालय से इस मामले पर बात की।
संत सीचेवाल और लोकसभा सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने केंद्र सरकार से अपील की है कि वह रूसी अधिकारियों के साथ राजनयिक बातचीत तेज करे ताकि संघर्ष में भारतीय युवाओं की भर्ती को रोका जा सके और जीवित बचे युवाओं की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने मृत भारतीयों के पार्थिव शरीर को वापस लाने की भी मांग की है, ताकि परिवार अपनी परंपराओं के अनुसार उनका अंतिम संस्कार कर सकें। इसके अलावा, उन्होंने विदेश में रोजगार के झूठे वादे करके युवाओं को गुमराह करने वाले ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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