चमोली , मई 06 -- उत्तराखंड में पंच केदारों में शामिल चतुर्थ केदार श्री रुद्रनाथ मंदिर के कपाट आगामी 18 मई को ग्रीष्मकाल के लिए खोले जाएंगे। कठिन पर्वतीय मार्ग और बर्फीले रास्तों के कारण चुनौतीपूर्ण मानी जाने वाली इस यात्रा को सुरक्षित और सुचारु बनाने के लिए बुधवार से चमोली पुलिस और जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

जिलाधिकारी गौरव कुमार के निर्देश पर पुलिस विभाग एवं विभिन्न संबंधित विभागों की 15 सदस्यीय संयुक्त टीम ने सगर से रुद्रनाथ धाम तक पैदल यात्रा मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण दल में वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुमित खुगशाल के नेतृत्व में पुलिस और एसडीआरएफ की टीम भी शामिल रही।

टीम ने यात्रा मार्ग की स्थिति, संवेदनशील स्थलों, विश्राम स्थलों तथा संभावित प्राकृतिक जोखिम वाले क्षेत्रों का गहन निरीक्षण किया। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था, संचार प्रणाली और आपातकालीन सुविधाओं की उपलब्धता का भी जायजा लिया गया। अधिकारियों ने यात्रा मार्ग को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक सुझाव भी तैयार किए।

जिला प्रशासन द्वारा इन सुझावों के आधार पर समग्र कार्ययोजना बनाई जा रही है, ताकि कपाट खुलने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त की जा सकें और श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पँवार ने कहा कि रुद्रनाथ धाम की यात्रा भौगोलिक दृष्टि से अत्यंत कठिन है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सहायता चमोली पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि पुलिस हर दुर्गम मोड़ पर यात्रियों की सुरक्षा और मदद के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

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