बड़वानी , दिसंबर 27 -- मध्यप्रदेश के बड़वानी स्थित प्रथम अपर सत्र न्यायालय ने रिश्वत लेने के एक प्रकरण में आरोपी अध्यापक को दोषी ठहराते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
न्यायाधीश चंदनसिंह चौहान ने आरोपी पूर्व शिक्षक पुन्टा बर्डे, निवासी ग्राम धवली, जिला बड़वानी को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दोषी पाते हुए चार वर्ष का कठोर कारावास एवं 5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन के अनुसार फरियादी रमेश खोटे वर्ष 2006 में संविदा शिक्षक वर्ग-3 के रूप में नियुक्त हुए थे। 15 अप्रैल 2015 को संविलियन के बाद उन्हें जनपद पंचायत सेंधवा कार्यालय के माध्यम से सहायक अध्यापक का वेतनमान एवं एरियर राशि मिलनी थी। वेतन संबंधी कार्य देख रहे संकुल केंद्र गेरूघाटी के अध्यापक पुन्टा बर्डे ने एरियर राशि लगभग 40 हजार रुपये बताते हुए 10 प्रतिशत यानी 4000 रुपये की रिश्वत की मांग की।
अभियोजन ने बताया कि 26 नवंबर 2015 को फोन पर रिश्वत की मांग दोबारा की गई। इस पर फरियादी की शिकायत पर लोकायुक्त पुलिस ने सत्यापन कर 28 नवंबर 2015 को ट्रैप कार्रवाई की और आरोपी को 4000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। जांच के बाद प्रस्तुत अभियोग पत्र पर सुनवाई पूरी होने के उपरांत न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई।
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