जापान/ लखनऊ , फरवरी 26 -- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान दौरे के दूसरे दिन विगत नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की तीव्र औद्योगिक प्रगति और निवेश-अनुकूल नीतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य ने 'रिएक्टिव' नहीं, बल्कि 'प्रोएक्टिव' नीति दृष्टिकोण अपनाया है, जिसके परिणामस्वरूप प्रति व्यक्ति आय और अर्थव्यवस्था, दोनों को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान के यामानाशी प्रीफेक्चर में, माननीय गवर्नर श्री कोटारो नागासाकी के साथ उत्तर प्रदेश-यामानाशी सहयोग को और मजबूत करने और हमारी बढ़ती स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को आगे बढ़ाने के लिए सार्थक बातचीत हुई।
योगी ने कहा कि इंडस्ट्री, टूरिज्म और वोकेशनल एजुकेशन में सहयोग को गहरा करने के लिए एक एमओयू साइन किया गया, जिसमें ग्रीन हाइड्रोजन, क्लीन एनर्जी इनोवेशन और टेक्नोलॉजी एक्सचेंज पर खास ध्यान दिया गया।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश एनर्जी में आत्मनिर्भरता बढ़ाने और माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सस्टेनेबल भविष्य के विजन को आगे बढ़ाने के लिए आईआईटी कानपुर को ग्रीन हाइड्रोजन में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के तौर पर सक्रिय रूप से विकसित कर रहा है।
योगी ने कहा कि मैं अगस्त में उत्तर प्रदेश में 200 सीईओ के एक डेलीगेशन को लीड करने के माननीय गवर्नर के प्रस्ताव का स्वागत करता हूं, जिससे इंडस्ट्रियल पार्टनरशिप और इन्वेस्टमेंट की गति और तेज होगी।
योगी ने कहा कि , मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और इन्वेस्ट यूपी के डेडिकेटेड जापान डेस्क और यीडा में प्रस्तावित जापान इंडस्ट्रियल टाउनशिप के जरिए आसान सुविधा के साथ स्केल, स्किल और स्पीड देता है। यह समझौता यामानाशी में एक चमकदार और धूप वाले दिन साइन किया गया, जो इस दिशा में स्पष्टता और आत्मविश्वास का एक पॉजिटिव प्रतीक है।
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