एमसीबी , दिसंबर 18 -- सड़क दुर्घटनाओं में घायलों की जान बचाने के लिए आगे आने वाले संवेदनशील नागरिकों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से केन्द्र सरकार द्वारा लागू राह-वीर योजना एक प्रभावशाली और मानवीय पहल के रूप में सामने आई है।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के तत्वावधान में संचालित इस योजना का उद्देश्य दुर्घटना के बाद के सबसे महत्वपूर्ण समय, जिसे "गोल्डन ऑवर" कहा जाता है, के भीतर घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना है। इस अवधि में की गई मदद से जीवन बचने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

गुरुवार को जिला जनसंपर्क अधिकारी से मिली जानकारी के मुताबिक, योजना के तहत जो नागरिक सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को बिना किसी देरी के अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने में भूमिका निभाते हैं, उन्हें "राह-वीर" के रूप में सम्मानित किया जाता है। ऐसे मददगार नागरिकों को 25,000 रुपये तक की नकद प्रोत्साहन राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है। यह राशि पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएफएमएस) के माध्यम से सीधे राह-वीर के बैंक खाते में भेजी जाती है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहती है।

राह-वीर योजना की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि इसमें मदद करने वालों को कानूनी संरक्षण भी दिया गया है। मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम 2019 की धारा 134 (ए) के तहत राह-वीर के खिलाफ बिना अनुमति कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की जा सकती। इसका उद्देश्य लोगों के मन से डर और संकोच को दूर करना है, ताकि वे निडर होकर मानवता के हित में आगे आ सकें।

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