नयी दिल्ली , दिसंबर 17 -- कांग्रेस नेता राहुल गांधी जर्मनी की छह दिवसीय यात्रा के लिए बुधवार को बर्लिन हवाई अड्डे पर पहुंचे। उनकी यात्रा भारतीय प्रवासी कांग्रेस (आईओसी) के तत्वावधान में आयोजित की जा रही है।
भारतीय प्रवासी कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा के साथ लोकसभा में विपक्ष के नेता श्री गांधी वैश्विक भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ संबंधों को मजबूत करने तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के लोकतांत्रिक एवं आर्थिक परिदृश्य को उजागर करने के उद्देश्य से कई राजनयिक और सामुदायिक कार्यक्रमों में शामिल होंगे।
श्री गांधी की यात्रा का मुख्य आकर्षण बुधवार को बर्लिन में भारतीय प्रवासी समुदाय के साथ होने वाली एक महत्वपूर्ण वार्ता है जिसमें पूरे यूरोप के आईओसी अध्यक्षों के शामिल होने की उम्मीद है।
आईओसी यूके के महासचिव विक्रम दुहान ने इस यात्रा के महत्व पर को रेखांकित करते हुए कहा कि यह भारत की वैश्विक भूमिका पर संवाद के लिए एक मूल्यवान मंच प्रदान करेगा और जर्मन सांसदों के साथ विचारों एवं अवसरों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, प्रवासी भारतीयों से संपर्क स्थापित करने के अलावा श्री गांधी जर्मनी के वरिष्ठ मंत्रियों और सांसदों से बातचीत करेंगे। इन बैठकों में साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आर्थिक सहयोग एवं सामाजिक प्राथमिकताओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
हालांकि,कांग्रेस इस दौरे को अंतरराष्ट्रीय समर्थन जुटाने वाली एक रणनीतिक पहल बता रही है लेकिन इस दौरे ने देश में राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है क्योंकि यह दौरा संसद के शीतकालीन सत्र के समापन सप्ताह के साथ मेल खा रहा है जो 19 दिसंबर को समाप्त होने वाला है। भाजपा ने श्री गांधी की यात्रा की आलोचना की और भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने श्री गांधी को "पर्यटन नेता" करार दिया।
वहीं प्रियंका गांधी वाड्रा और गौरव गोगोई सहित कांग्रेस नेताओं ने इस यात्रा का बचाव करते हुए कहा कि विपक्ष के नेता महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों को पूरा कर रहे हैं और उन्होंने यह भी कहा कि श्री गांधी के संसदीय हस्तक्षेप ने सत्तारूढ़ पार्टी को प्रभावी रूप से चुनौती दी है।
श्री गांधी की जर्मन यात्रा हाल ही में अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और दक्षिण पूर्व एशिया में किए गए जनसंपर्क प्रयासों के बाद हो रही है। प्रवासी समुदायों एवं यूरोपीय सांसदों के साथ संवाद स्थापित करके, कांग्रेस का उद्देश्य विदेशों में अपने वैचारिक प्रभाव को बढ़ाना और भारत के राजनीतिक वातावरण पर अनिवासी भारतीयों की चिंताओं को दूर करना है।
अपनी यात्रा के दौरान, श्री गांधी ने सोशल मीडिया पर बीएमडब्ल्यू वेल्ट और म्यूनिख स्थित बीएमडब्ल्यू प्लांट के अपने दौरे की जानकारी साझा करते हुए इसे "विश्व स्तरीय विनिर्माण का एक अविश्वसनीय नजारा" कहा। उन्होंने बीएमडब्ल्यू के साथ साझेदारी में विकसित टीवीएस 450 सीसी मोटरसाइकिल को भारतीय इंजीनियरिंग का एक गौरवपूर्ण उदाहरण बताया।
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