नयी दिल्ली , दिसंबर 29 -- कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने उत्तराखंड के देहरादून में त्रिपुरा के छात्र अंजेल चकमा के साथ हुई बर्बरता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह देश में फैल रही नफरत का ताजा उदाहरण है।
श्री गांधी ने दोनों भाईयों को न्याय देने की मांग करते हुए सोमवार को सोशल मीडिया एक्स पर लिखा "देहरादून में अंजेल चकमा और उनके भाई माइकल के साथ जो हुआ वह एक भयानक घृणा से उपजा अपराध है। नफरत रातोरात पैदा नहीं होती। अब वर्षों से इसे रोजाना -विशेष रूप से युवाओं को-जहरीली सामग्री और गैर-जिम्मेदाराना आख्यानों के माध्यम से नफरता का जहर खिलाया जा रहा है और सत्तारूढ़ भाजपा के नफरत फैलाने वाले नेतृत्व द्वारा इसे सामान्य बनाया जा रहा है।"उन्होंने कहा, "भारत का निर्माण बंधुत्व, समानता और प्रेम आधारित है तथा एकता पर हुआ है। भय और दुर्व्यवहार के लिए इस माहौल में कहीं काई जगह रही नहीं है। हमारा प्रेम और विविधता का देश हैं। हमें एक मृत समाज नहीं बनना चाहिए जो साथी भारतीयों को निशाना बनाए जाने पर आंखें मूंद लेता है। हमें इस पर विचार करना चाहिए और इसका सामना करना चाहिए कि हम अपने देश को क्या बनने दे रहे हैं।"कांग्रेस नेता कहा "मेरी संवेदनाएं चकमा परिवार और त्रिपुरा तथा उत्तर पूर्व के लोगों के साथ हैं। हमें आपको अपने साथी भारतीय भाई-बहन कहने पर गर्व है।"गौरतलब है कि उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शराब के नशे में धुत युवकों ने बीच सड़क पर त्रिपुरा के एक छात्र एंजेल चकमा को चाकुओं से गोद दिया और 17 दिन तक आईसीयू में चले इलाज के बाद शुक्रवार को उसकी मृत्यु हो गई।
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