लखनऊ , मार्च 13 -- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और रायबरेली से सांसद राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि केवल 'राहुल गांधी जिंदाबाद' के नारे लगाने से कोई फायदा नहीं होता। बदलाव तब आता है जब व्यक्ति यह ठान ले कि जो गलत हो रहा है उसे वह स्वीकार नहीं करेगा।

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित पार्टी के कार्यक्रम में उन्होंने कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि भाषण देने से पहले वह सोच रहे थे कि बी आर अंबेडकर शिक्षा और संगठन की बात करते थे। आज लोग कांशी राम को याद करते हैं, लेकिन समाज को 15 और 85 में बांट दिया गया है।

उन्होने आरोप लगाया कि इसका फायदा केवल 15 प्रतिशत लोगों को मिल रहा है, जबकि बाकी 50 प्रतिशत समाज को अलग-अलग कर दिया गया है। श्री गांधी ने कहा कि अगर जवाहरलाल नेहरु आज जीवित होते तो कांशीराम उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होते।

उन्होंने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी का नाम एपस्टीन फाइल में बताया जा रहा है और उनकी बेटी की कंपनी में जॉर्ज सोरोस की फंडिंग का भी उल्लेख किया गया है।

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