लखनऊ , अप्रैल 18 -- तेज़ी से बदले घटनाक्रम में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने शनिवार को अपने ही एक दिन पहले दिए गए आदेश पर रोक लगा दी। इस आदेश में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।

अदालत ने स्पष्ट किया कि याचिका पर अंतिम निर्णय लेने से पहले नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाना आवश्यक है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि राहुल गांधी कथित तौर पर ब्रिटिश नागरिकता रखते हैं। शुक्रवार को खुले न्यायालय में दिए गए आदेश के तहत एफआईआर दर्ज करने का निर्देश दिया गया था, लेकिन अब लखनऊ पीठ के ताज़ा फैसले के बाद उस आदेश के अमल पर फिलहाल रोक लग गई है। इसका मतलब है कि जब तक न्यायिक प्रक्रिया जारी है और सभी पक्षों की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी।

पीठ ने अपने आदेश में कहा कि प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के तहत किसी भी व्यक्ति को बिना सुने उसके खिलाफ कोई अंतिम निर्णय लेना उचित नहीं है। ऐसे में अदालत ने पूर्व आदेश पर रोक लगाते हुए मामले की आगे सुनवाई करने का निर्णय लिया है।

अब इस मामले में अगली सुनवाई के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी और उसी के आधार पर कोई अंतिम आदेश पारित किया जाएगा।

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