जयपुर , मई 02 -- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम ने शनिवार को कहा कि समाज में वास्तविक परिवर्तन सत्ता के बल पर नहीं, बल्कि समाज की जागरुकता और एकजुटता से संभव होता है।

श्री निंबाराम यहां मालवीय नगर स्थित पाथेय कण संस्थान के देवर्षि नारद सभागार में विश्व संवाद केंद्र की ओर से आयोजित देवर्षि नारद जयंती एवं पत्रकार सम्मान समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने पत्रकारों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि समाज को शिक्षित, प्रशिक्षित और संगठित करने का दायित्व पत्रकारिता का है। जब समाज सकारात्मक और राष्ट्र हितकारी विचारों के साथ आगे बढ़ता है, तभी सच्ची जागृति संभव होती है।

उन्होंने पत्रकारिता को एक "धर्म" बताते हुए देवर्षि नारद का उदाहरण दिया, जिनकी विश्वसनीयता और प्रमाणिकता के कारण उन्हें हर स्थान पर सम्मान मिला। उन्होंने कहा कि आज के पत्रकारों को भी सत्यनिष्ठ, जिम्मेदार और संतुलित रहकर कार्य करना चाहिए।

उन्होंने चेताया कि ब्रेकिंग न्यूज और सनसनीखेज खबरों की होड़ में तथ्यहीन या राष्ट्रहित के विरुद्ध सामग्री प्रसारित करना उचित नहीं है। विशेष परिस्थितियों, जैसे राष्ट्रीय संकट या सुरक्षा से जुड़े मामलों में, समाचारों के प्रसारण में संयम और विवेक अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने भारतीय संस्कृति, परंपरा और गौरवशाली इतिहास को पत्रकारिता में उचित स्थान देने पर जोर दिया। साथ ही, उन्होंने कहा कि नकारात्मक नैरेटिव को बदलकर समाज में सकारात्मक और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विचारों को बढ़ावा देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पत्रकारिता को बिना किसी भेदभाव के स्वतंत्र और निष्पक्ष रहते हुए समाज और शासन दोनों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

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