पटना , मार्च 12 -- ोजना एवं विकास विभाग के स्तर से गुरुवार को यूजिंग एडमिनिस्ट्रीटेटिव डेटा फॉर गवर्नेंस: लिंकिंग डिपार्टमेंटल डेटा ऐट स्टेट लेवल विषयक एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि विभागीय अपर मुख्य सचिव डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने कहा कि प्रभावी शासन के लिए विभागों के बीच आपसी समन्वय जरूरी है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के अलग-अलग विभागों में उपलब्ध प्रशासनिक आंकड़ों का समन्वित और व्यवस्थित उपयोग कर आपस में बेहतर तालमेल स्थापित किया जा सकता है। इससे नीति निर्माण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
कार्यशाला राज्य में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को सुदृढ़ करने, प्रशासनिक आंकड़ों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देने और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम मंत्रालय की ओर से अगले माह आयोजित होने वाले डेटा फॉर डेवेलपमेंट विषयक सम्मेलन की तैयारियों के क्रम में आयोजित हुआ।
डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने कहा कि प्रशासनिक आंकड़े वैज्ञानिक विश्लेषण नीति निर्माण के साथ योजनाओं के मूल्यांकन के लिए काफी महत्वपूर्ण है। डेटा आधारित विश्लेषण से योजनाओं के वास्तविक प्रभाव का आकलन और आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने में सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि कार्यशाला में प्राप्त सुझावों एवं अनुभवों को राष्ट्रीय स्तर पर होने वाली चर्चा में साझा किया जाएगा।
इस अवसर पर प्रशासनिक आंकड़ों के मानकीकरण, विभिन्न विभागों के बीच डेटा साझाकरण की व्यवस्था, डेटा के बेहतर उपयोग के माध्यम से नीति निर्माण और योजनाओं की निगरानी को अधिक प्रभावी बनाने के विषय में विस्तृत चर्चा की गई। विभाग का मानना है कि अलग-अलग विभागों के प्रशासनिक आंकड़ों के बेहतर समन्वय और उपयोग से राज्य में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को नई गति मिलेगी। साथ ही योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और मूल्यांकन को मजबूती मिलेगी। इससे विकसित बिहार@2047 के लक्ष्य की प्राप्ति होगी।
कार्यशाला में राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी, आईटी प्रबंधक, डेटा प्रबंधन से जुड़े विशेषज्ञ, जिला एवं प्रखंड स्तर पर डेटा संकलन, विश्लेषण एवं निगरानी से जुड़े अधिकारियों ने भाग लिया। मुख्य रूप से सचिव, योजना एवं विकास विभाग कंवल तनुज, निदेशक, निदेशालय अर्थ एवं सांख्यिकी, रंजीत कुमार, उप महानिदेशक, राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, पटना, रौशन लाल साहू, निदेशक, डेवलपमेंट इन्फॉर्मेटिक्स एंड इनोवेशन डिवीजन, सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय, नई दिल्ली, महेश चंद्र शुक्ला, निदेशक, नेशनल इंटेलिजेंट ग्रिड, नई दिल्ली,राम नारायण यादव और निदेशक, मूल्यांकन निदेशालय,रविश किशोर सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञों की उपस्थिति रही।
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