पटना , अप्रैल 25 -- ाष्ट्रीय मखाना बोर्ड के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए "मखाना विकास योजना" शुरू की गई है, जिसका लाभ मखाना की खेती करने वाले किसान उठा सकते हैं। मखाना विकास योजना के जरिए मखाना के उत्पादन से लेकर इसकी मार्केटिंग तक भारी अनुदान दिया जाएगा।

इस योजना का उद्देश्य मखाना उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि करना है। योजना के तहत विभिन्न चरणों पर किसानों और उद्यमियों को आकर्षक अनुदान उपलब्ध कराया जा रहा है।

इसके अनुसार, मखाना उत्पादन के लिए किसानों को 71 हजार 600 रुपये तक की सहायता दी जाएगी, जिससे वे आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर उत्पादन बढ़ा सकें। वहीं, प्रसंस्करण (प्रोसेसिंग) इकाइयों की स्थापना के लिए अलग-अलग श्रेणियों में अनुदान तय किया गया है। सूक्ष्म इकाई के लिए पांच लाख रुपये, लघु इकाई के लिए 19.5 लाख रुपये, मध्यम इकाई के लिए 1.5 करोड़ रुपये तथा बड़ी इकाई के लिए 3.5 करोड़ रुपये तक का अनुदान दिया जाएगा।

खेत पर उत्पाद प्रबंधन इकाई के लिए दो लाख रुपये की सहायता निर्धारित की गई है। मखाना के विपणन को मजबूत करने के लिए सरकार विशेष पहल कर रही है। मखाना बिक्री केंद्र की स्थापना के लिए 10 लाख रुपये तक का अनुदान मिलेगा। वहीं, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शनियों में भागीदारी के लिए 25 लाख रुपये तक की सहायता दी जाएगी।

निर्यात को बढ़ावा देने के उद्देश्य से प्रमाणीकरण के लिए 2.5 लाख रुपये तक का अनुदान तय किया गया है। इसके साथ ही ब्रांडिंग एवं विपणन गतिविधियों के लिए भी 25 लाख रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे मखाना को वैश्विक बाजार में पहचान दिलाई जा सके।

बिहार देश में मखाना का सर्वाधिक उत्पादक राज्य है। इस योजना के माध्यम से सरकार इसे एक संगठित उद्योग के रूप में विकसित करना चाहती है। माना जा रहा है कि इस योजना से न केवल किसानों को बेहतर मूल्य मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सरकार ने इच्छुक किसानों और उद्यमियों से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ लेने के लिए बिहार कृषि ऐप पर जाकर आवेदन करें। यह योजना राज्य के किसानों के लिए आर्थिक समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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