रुड़की , मई 11 -- उत्तराखंड सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी, सुशासन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा ने सोमवार को यहां कहा कि विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और नवाचार केवल आधुनिक विकास के साधन नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक अवसर पहुंचाने का माध्यम बनने चाहिए।
श्री बत्रा ने यहां भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में आज राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर समावेशी विकास के लिए नवाचार से संबंधित विषय पर उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (यूकॉस्ट), एकीकृत जनजातीय विकास एजेंसी एवं लक्ष्य सोसायटी के संयुक्त तत्वावधान में कार्यक्रम आयोजित किया गया।
श्री बत्रा ने कहा कि विज्ञान, सूचना प्रौद्योगिकी, एआई और नवाचार केवल आधुनिक विकास के साधन नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक अवसर पहुंचाने का माध्यम बनने चाहिए। उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के अंत्योदय दर्शन को तकनीकी विकास से जोड़ते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य तकनीकी अन्त्योदय है, जहां टेक्नोलॉजी का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। हमारा लक्ष्य केवल डिजिटल डेवलपमेंट नहीं, बल्कि ऐसा ग्रोथ मॉडल है, जिसमें एआई, ई-शासन और नवाचार गांव, गरीब, किसान, छात्र और युवा सभी के जीवन को सशक्त करें।
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