नयी दिल्ली , जनवरी 29 -- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने लोकसभा में गुरुवार को कहा कि संसद द्वारा 14 से 16 जनवरी के बीच राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों का 28वां सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह सम्मेलन 16 वर्षों के बाद भारत में आयोजित किया गया।
श्री बिरला ने सदन को राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन-2026 के सफल आयोजन के बारे में बताया। श्री बिरला ने बताया कि 28वां सम्मेलन एक बड़ी सफलता थी। उन्होंने कहा, मुझे आपको बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि भारतीय संसद द्वारा दिनांक 14 से 16 जनवरी के बीच राष्ट्रमंडल देशों की संसदों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों का 28वां सम्मेलन सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह सम्मेलन 16 वर्षों के बाद भारत में आयोजित किया गया।"उन्होंने कहा ''सम्मेलन का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 15 जनवरी को ऐतिहासिक संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में किया गया। यह सम्मेलन 53 राष्ट्रमंडल देशों और 14 अर्ध स्वायत्त संसदों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों को एक मंच पर लाता है। मुझे आपको सूचित करते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि इस सम्मेलन में रिकॉर्ड 60 अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों और लगभग 200 डेलीगेट्स ने हिस्सा लिया।''अध्यक्ष ने कहा कि सम्मेलन में इंटर-पार्लियामेंट्री यूनियन (आईपीयू) की अध्यक्ष डॉ. तुलिया एक्सन और कॉमनवेल्थ पार्लियामेंट्री एसोसिएशन (सीपीए) के चेयरपर्सन डॉ. क्रिस्टोफर कलिला को "विशेष आमंत्रित" के रूप में आमंत्रित किया गया था।
उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में संसद सदस्यों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई, जिसमें लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाए रखने में अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों की भूमिका, संसदों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस; सोशल मीडिया और माननीय संसद सदस्यों पर इसके प्रभाव, संसद के बारे में जनता की समझ बढ़ाने और उनमें जन-भागीदारी बढ़ाने के लिए अभिनव रणनीतियाँ तथा संसद सदस्यों और संसदीय कर्मचारियों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और कल्याण के विषय शामिल थे।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित