भुवनेश्वर , फरवरी 04 -- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बुधवार को इस बात पर जोर दिया कि भारत सरकार का 'पूर्वोदय' विजन ओडिशा के समग्र विकास को प्राथमिकता देता है।
राष्ट्रपति ने अपने गृह राज्य की छह दिवसीय यात्रा के दौरान मयूरभंज जिले में कई परियोजनाओं का उद्घाटन किया और विश्वास व्यक्त किया कि ये पहल रोजगार के नए अवसर लाएंगे और स्थानीय समुदायों को लाभान्वित करेंगे।
श्रीमती मुर्मु ने रायरंगपुर में महाराजा श्रीराम चंद्र भंज देव विश्वविद्यालय सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) परिसर का उद्घाटन किया और कई प्रमुख परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इनमें एक आयुष अस्पताल सह आयुर्वेदिक कॉलेज, ओडिशा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (ओयूएटी) परिसर, एक तीरंदाजी केंद्र, शहर के सौंदर्यीकरण और जल निकासी उन्नयन परियोजनाएं, एक सभागार और सांस्कृतिक केंद्र, एक गर्ल्स हॉस्टल और एक नशामुक्ति केंद्र शामिल हैं।
राष्ट्रपति ने इस अवसर पर बोलते हुए आदिवासी समुदायों के आर्थिक और सामाजिक विकास पर सरकार के विशेष ध्यान को रेखांकित किया। उन्होंने प्रधानमंत्री वन धन योजना जैसी पहलों का उल्लेख किया, जो 90 से अधिक लघु वनोपजों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रदान करती है। उन्होंने बताया कि आदिवासी स्वयं सहायता समूहों के लिए सूक्ष्म ऋण योजनाएं शुरू की गयी हैं और आदिवासी महिला अधिकारिता योजना के तहत अनुसूचित जनजाति की महिलाओं के लिए कम ब्याज पर कर्ज दिया जा रहा है।
श्रीमती मुर्मु ने आदिवासी क्षेत्रों के लिए स्वास्थ्य देखभाल और शिक्षा में सुधार के सरकार के प्रयासों पर भी जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के कार्यान्वयन, विस्तारित विद्युतीकरण और दूरदराज के क्षेत्रों में 4जी इंटरनेट की शुरुआत का उल्लेख करते हुए कहा कि ये उपाय आदिवासी क्षेत्रों में 'समग्र विकास की धारा' बना रहे हैं।
राष्ट्रपति ने नागरिकों से सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाने और जागरूकता फैलाने में मदद करने का आग्रह करते हुए कहा, "गरीब से गरीब व्यक्ति का उत्थान केवल आदिवासी समुदायों के विकास के माध्यम से ही प्राप्त किया जा सकता है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि स्थानीय विकास से राज्य का विकास होता है, जो अंततः राष्ट्र की प्रगति में योगदान देता है। यह 2047 तक 'विकसित भारत' के दृष्टिकोण के अनुरूप है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने रायरंगपुर में राष्ट्रपति का स्वागत किया और इसे मयूरभंज के लिए एक ऐतिहासिक दिन बताया, क्योंकि कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। उन्होंने रेखांकित किया कि स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, आईटी और खेल बुनियादी ढांचे से जुड़ी ये परियोजनाएं विशेष रूप से युवाओं, किसानों, आदिवासी समुदायों और महिलाओं को लाभान्वित करेंगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नया ओयूएटी परिसर क्षेत्र-विशिष्ट कृषि शिक्षा और अनुसंधान को बढ़ावा देगा, जिससे किसानों को उत्पादकता और आय में सुधार करने में मदद मिलेगी। आयुर्वेदिक कॉलेज और आयुष अस्पताल स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच को मजबूत करेंगे, जबकि एमएससीबी विश्वविद्यालय में आईटी परिसर स्थानीय युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से लैस करेगा।
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