नयी दिल्ली , मार्च 07 -- पश्चिम बंगाल में आयोजित 9वें 'अंतरराष्ट्रीय संथाल सम्मेलन' के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रोटोकॉल में हुई कथित चूक ने बड़ा राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया है। राष्ट्रपति के खुद इस मामले में नाराजगी जताये जाने के बाद अब उपराष्ट्रपति और केंद्रीय मंत्री नितीन गडकरी ने भी ममता सरकार पर तीखा हमला बोला है।

उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने पश्चिम बंगाल सरकार के आचरण को 'दुर्भाग्यपूर्ण' करार देते हुए कहा कि राष्ट्रपति का पद हमारे गणतंत्र का सर्वोच्च संवैधानिक पद है। उन्होंने 'एक्स' पर लिखा, "माननीय राष्ट्रपति का कार्यालय हमारे गणतंत्र का सर्वोच्च संवैधानिक कार्यालय है। इसे हमेशा वह गरिमा, प्रोटोकॉल और सम्मान मिलना चाहिए, जिसका यह हकदार है। आज पश्चिम बंगाल में उनकी संवैधानिक स्थिति के अनुरूप व्यवस्थाओं में जो भी चूक हुई है, वह दुर्भाग्यपूर्ण है।"उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पद की शुचिता और सम्मान को बनाये रखना राष्ट्र का कर्तव्य है।

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