पटना , मार्च 09 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता प्रभाकर कुमार मिश्र ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हमला करते हुये सोमवार को कहा कि राष्ट्रपति का अपमान देश कभी सहन नहीं करेगा।
श्री मिश्रा ने आज बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रपति का पद राजनीतिक नहीं, बल्कि सांवैधानिक पद है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का सम्मान किसी व्यक्ति का सम्मान नहीं बल्कि राष्ट्र का सम्मान होता है।
भाजपा नेता ने कहा कि नौवें अंतर्राष्ट्रीय संथाल सम्मेलन में भाग लेने गयीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का स्वागत करने के लिए न मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उपस्थित थीं और न ही पश्चिम बंगाल सरकार का कोई मंत्री। उन्होंने कहा कि इसे महज संयोग नहीं कहा जा सकता। यह देश के सर्वोच्च सांवैधानिक पद को अपमानित करने की सोची-समझी साज़िश थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति के पद का अपमान करने के साथ-साथ एक ऐसी महिला का अपमान किया है, जो देश के सर्वोच्च पद पर आसीन हैं और आदिवासी समाज से आती हैं।
श्री मिश्र ने कहा कि असल में ममता बनर्जी को विधानसभा चुनाव में करारी हार का डर सता रहा है और हार के डर से वह मानसिक रूप से शून्य हो चुकी हैं। उन्होने कहा कि राष्ट्रपति के प्रोटोकॉल को भूल जाना या जानबूझकर अनदेखी करना मानसिक शून्यता को ही दर्शाता है। पश्चिम बंगाल तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के हाथ से निकल चुका है। ममता बनर्जी खुद अपनी सीट भी बचा नहीं पाएंगी। ममता बनर्जी और टीएमसी की करारी हार होनी भी चाहिए, क्योंकि ममता बनर्जी ने अपने शासनकाल में बंगाल को अपराध, गरीबी और बेरोज़गारी के अलावा दिया ही क्या है। अब बंगाल में मुस्कुराता हुआ कमल खिलेगा, जो बंगाल को विकास और समृद्धि की राह पर ले जाएगा।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित