रायपुर , नवंबर 08 -- छत्तीसगढ की राजधानी रायपुर के गुढ़ियारी स्थित दहीहांडी मैदान में शनिवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें 250 से अधिक परिवारों ने अपने मूल धर्म में वापसी की। यह कार्यक्रम जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी नरेंद्राचार्य जी महाराज के सानिध्य में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नेता प्रबल प्रताप सिंह जूदेव और सच्चिदानंद उपासने भी उपस्थित रहे। इस अवसर पर श्री जूदेव ने घर वापसी करने वाले परिवारों के पैर धोकर उनका स्वागत किया। उन्होंने अपने पिता दिलीप सिंह जूदेव की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए।
घर वापसी करने पहुंचे परिवारों ने बताया कि उन्हें पूर्व में भ्रमित कर धर्म परिवर्तन कराया गया था। उनके अनुसार, उन्हें विश्वास दिलाया गया था कि धर्म बदलने से उनके जीवन और स्वास्थ्य में सुधार होगा लेकिन समय के साथ वे असंतुष्ट हो गए और अपने मूल धर्म में लौटने का निर्णय लिया।
जगद्गुरु नरेंद्राचार्य ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि वे अब तक देशभर में करीब एक लाख 53 हजार परिवारों की घर वापसी करा चुके हैं। उन्होंने धर्मांतरण को समाज के लिए हानिकारक बताते हुए सरकार से कड़े कानून बनाने की मांग की।
उन्होंने कहा, "आज स्कूलों में प्रभु ईसू से जुड़ी बातें पढ़ाई जा रही हैं, जिससे धर्मांतरण को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिल रहा है। सरकार को चाहिए कि वेद आधारित शिक्षा प्रणाली को बढ़ावा दे।" उन्होंने बताया कि उनके मार्गदर्शन में वेद पाठशालाओं के माध्यम से ऐसे पुरोहित तैयार किए जा रहे हैं जो हिंदू समाज की सभी जातियों से होंगे।
भाजपा नेता जूदेव ने कहा, "मेरे पिता दिलीप सिंह जूदेव राजा होकर भी लोगों के पैर पखारते थे। उसी परंपरा को मैं आगे बढ़ा रहा हूं। आने वाले समय में यह अभियान राज्य के दूरस्थ इलाकों तक ले जाया जाएगा।"कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक भी उपस्थित रहे।
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