रायपुर , अप्रैल 02 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में असामाजिक तत्वों और अपराधियों पर नकेल कसने के उद्देश्य से पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान "ऑपरेशन कालचक्र" के तहत नॉर्थ जोन पुलिस ने व्यापक कार्रवाई करते हुए कुल 14 स्थाई वारंट, 41 गिरफ्तारी वारंट और 37 जमानती वारंट तामिल किए हैं।
पुलिस उपायुक्त (नॉर्थ जोन) मयंक गुर्जर (आईपीएस) के दिशा-निर्देश में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त आकाश मरकाम एवं सहायक पुलिस आयुक्त उरला पूर्णिमा लामा के नेतृत्व में तड़के सुबह विभिन्न संवेदनशील इलाकों में औचक रेड कार्रवाई की गई।
अभियान के दौरान चाकूबाजों, गुंडा एवं निगरानी बदमाशों, संदिग्ध व्यक्तियों तथा अन्य असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करते हुए थाना खमतराई, उरला, गुढ़ियारी, पण्डरी एवं खम्हारडीह क्षेत्रों से कुल 60 आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्तियों को थाना बुलाकर उनकी परेड कराई गई और कड़ी चेतावनी दी गई।
इसके अलावा पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत तीन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की, जबकि 48 पौवा देशी शराब के साथ एक आरोपी के विरुद्ध आबकारी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। वहीं प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत 20 आरोपियों पर भी कार्रवाई की गई।
पुलिस ने बताया कि अभियान के तहत गुढ़ियारी, खम्हारडीह, पण्डरी और उरला थाना क्षेत्रों से लंबे समय से फरार चल रहे कुल 14 स्थाई वारंटियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। साथ ही 14 ऐसे प्रकरणों का भी निराकरण किया गया, जिनमें आरोपी फरार थे।
पुलिस के अनुसार, "ऑपरेशन कालचक्र" का उद्देश्य अपराधियों में मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना, क्षेत्र में अपराध नियंत्रण करना और संगठित अपराध के नेटवर्क को कमजोर करना है।
अभियान के अंतर्गत पुलिस ने सभी आपराधिक एवं शरारती तत्वों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि वे अपराध से दूर रहें, अन्यथा उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित