रायगढ़ , दिसंबर 04 -- छत्तीसगढ़ में रायगढ़ जिले के कलेक्टर के निर्देश पर धान घोटाले पर कड़ी निगरानी रखते हुए प्रशासन अब राईस मिलर्स पर भी शिकंजा कस रहा है। पिछले तीन दिनों में संयुक्त जांच टीमों ने घरघोड़ा, खरसिया, धरमजयगढ़, लैलूंगा और रायगढ़ क्षेत्र की नौ राईस मिलों में दबिश दी गयी। इस कार्रवाई में लगभग 3500 क्विंटल पुराना धान जब्त किया गया है।

जांच में यह तथ्य सामने आया कि कई मिलर्स पुराने रबी सीजन के धान को गोदामों में छिपाकर रखते हैं और समर्थन मूल्य में खरीदी के दौरान उसे नए धान में मिलाकर बेचने की कोशिश करते हैं। नमी मापने वाले मीटर से जांच में पाया गया कि पुराने धान में नमी कम दिखती है, जबकि इसमें नए धान के मिलावट पर असल नमी अधिक होती है।

अधिकारियों के अनुसार, बड़े किसानों की सहमति से भी यह अनियमितता कई बार सामने आती रही है। गत वर्ष सिसरिंगा में इसी तरह का मामला उजागर हुआ था, जिसमें समिति से उठाव किया गया धान मिलर्स द्वारा वापस समिति में पहुंचाकर बिना उठाव के खरीदी दिखा दी गई थी। इससे यह स्पष्ट है कि कुछ मिलर्स पुराने धान को पुन: उपयोग में लाकर बिना जोखिम मुनाफा कमा रहे थे।

कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि इस बार कार्रवाई पहले से भी अधिक सख्त होगी और जांच का दायरा जिले के सभी मिलर्स तक विस्तारित किया जाएगा। प्रशासन का कहना है कि पुराने धान की बिक्री और पुनर्चक्रण पर रोक लगाने टीम लगातार सक्रिय है, ताकि समर्थन मूल्य में धान खरीदी की प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष बनी रहे।

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