रायगढ़ , अप्रैल 05 -- छत्तीसगढ़ में रायगढ़ जिले के शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी मिनी स्टेडियम में रविवार को सभी ब्लॉकों की मितानिनों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें वर्ष 2002 से कार्यरत बड़ी संख्या में मितानिनों ने भाग लिया।

बैठक का उद्देश्य मितानिनों को वर्तमान परिस्थितियों के प्रति जागरूक करना, उनके अधिकारों की रक्षा करना तथा संभावित नुकसान से बचाने के लिए एकजुट करना रहा।

बैठक के दौरान ब्लॉक समन्वयक ने जानकारी दी कि पूर्व में कार्यरत एचएसआरसी एनजीओ के बंद होने के बाद अब एसएचआरसी के माध्यम से एक नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इस बदलाव को लेकर मितानिनों में चिंता देखी गई, क्योंकि नई प्रक्रिया के तहत उनसे नए फॉर्म पर हस्ताक्षर कराए जा रहे हैं।

मितानिनों ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि वर्षों से सेवा दे रही अनुभवी कार्यकर्ताओं को हटाकर नए लोगों की भर्ती की आशंका उनके हितों के खिलाफ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना पूरी जानकारी और सहमति के वे किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं करेंगी।

बैठक में मितानिनों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई। बताया गया कि वे केवल स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समुदाय के निचले स्तर तक पहुंचकर गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और परिवारों की देखरेख, जागरूकता तथा विभिन्न बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

अंत में सभी मितानिनों ने अपने अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहने और किसी भी दबाव में निर्णय नहीं लेने का संकल्प लिया। उन्हें सलाह दी गई कि किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पहले उसकी पूरी जानकारी अवश्य प्राप्त करें।

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