रायगढ़ , मार्च 20 -- छत्तीसगढ़ में अवैध अफीम खेती के मामलों की कड़ी में अब रायगढ़ जिले का नाम भी जुड़ गया है। तमनार थाना क्षेत्र के आमाघाट गांव में नदी किनारे लगभग एक एकड़ जमीन पर अफीम की अवैध खेती किए जाने का मामला शुक्रवार को सामने आया।

सूचना मिलते ही पुलिस और जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

पुलिस से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अफीम की फसल तरबूज और ककड़ी की खेती के बीच छिपाकर उगाई जा रही थी, जिससे यह गतिविधि लंबे समय तक नजरों से बची रही। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।

कार्रवाई के दौरान झारखंड निवासी एक संदिग्ध, मार्शल सांगां, को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। हालांकि, जिस जमीन पर खेती की जा रही थी, उसके स्वामित्व को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। प्रारंभिक तौर पर इसे शासकीय भूमि बताया जा रहा है।

इससे पहले दुर्ग जिले में भी बड़े पैमाने पर अफीम की खेती का खुलासा हुआ था, जहां एक जनप्रतिनिधि से जुड़े खेत में अवैध फसल उगाई जा रही थी। इस मामले में प्रशासनिक लापरवाही सामने आने पर संबंधित कृषि अधिकारी को निलंबित किया गया था और कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई थी।

वहीं, बलरामपुर जिले में भी दो अलग-अलग स्थानों पर करीब तीन एकड़ क्षेत्र में अफीम की खेती पकड़ी गई थी। जांच में सामने आया था कि बाहरी लोगों के संपर्क में आकर स्थानीय किसानों ने इस अवैध गतिविधि को अंजाम दिया। खेतों की देखरेख और फसल प्रबंधन में भी बाहरी व्यक्तियों की भूमिका पाई गई थी।

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