रायगढ़, जनवरी 19 -- छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर रायगढ़ के टपरिया बॉर्डर पर एक बार फिर ट्रांसपोर्ट कारोबार को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। रविवार देर शाम ओडिशा के ट्रांसपोर्टरों और रायगढ़ के वाहन मालिकों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। इस दौरान रायगढ़ के ट्रांसपोर्टरों के साथ बेरहमी से मारपीट, लूटपाट और तोड़फोड़ की गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ओडिशा की कोल माइंस में छत्तीसगढ़ के ट्रांसपोर्टरों को लोडिंग के दौरान लगातार परेशान किए जाने को लेकर दोनों पक्षों में तनातनी चल रही थी। इसी मुद्दे पर टपरिया बॉर्डर पर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मामला जानलेवा हमले में तब्दील हो गया। आरोप है कि ओडिशा के ट्रांसपोर्टरों ने रायगढ़ के वाहन मालिकों के साथ सरेआम गुंडागर्दी करते हुए मारपीट की।
घटना के बाद रायगढ़ के तमनार थाना में ओडिशा के ट्रांसपोर्टरों के खिलाफ सोमवार को एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने संजय अग्रवाल, सतीश चौबे, आशीष यादव सहित आधा दर्जन नामजद आरोपियों और करीब 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ डकैती, मारपीट, तोड़फोड़ और बीएनएस की कई गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया है।
घटना से आक्रोशित छत्तीसगढ़ के ट्रांसपोर्टर एकजुट हो गए हैं। ट्रांसपोर्ट संघ ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरे प्रदेश में कोल ट्रांसपोर्ट ठप किया जा सकता है। ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि ओडिशा की कोल माइंस में छत्तीसगढ़ के वाहन मालिकों के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है और उन्हें कारोबार से बाहर करने की साजिश रची जा रही है।फिलहाल पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश जारी है।
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