रायगढ़ , नवंबर 06 -- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में स्थित अंबुजा सीमेंट प्लांट की प्रस्तावित जनसुनवाई के विरोध में गुरुवार को लैलूंगा और धरमजयगढ़ ब्लॉक के सैकड़ों ग्रामीण रायगढ़ जिला मुख्यालय पहुंचे और कलेक्टर से जनसुनवाई निरस्त करने की मांग की।
ग्रामीणों के साथ खरसिया विधायक एवं पूर्व मंत्री उमेश पटेल और धरमजयगढ़ विधायक भी विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
ग्रामीणों का कहना है कि 11 नवंबर को प्रस्तावित जनसुनवाई ग्राम सभा की अनुमति के बिना कराई जा रही है, जो पूरी तरह अवैधानिक है। उनका आरोप है कि प्रशासन और सरकार अडानी समूह के पक्ष में काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वे किसी भी हाल में अपनी जमीन उद्योग के लिए नहीं देंगे।
कलेक्टर से मुलाकात न होने पर ग्रामीणों ने जिला कार्यालय के बाहर ही सड़क पर धरना शुरू कर दिया। महिलाओं और बच्चों की बड़ी संख्या में मौजूदगी ने विरोध को और प्रभावशाली बना दिया। प्रशासनिक अधिकारियों - एसडीएम और अपर कलेक्टर - ने प्रदर्शनकारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी से सीधे मुलाकात की जिद पर अड़े रहे।
इस दौरान पूर्व मंत्री एवं खरसिया विधायक उमेश पटेल ने कहा कि बिना ग्राम सभा प्रस्ताव के जनसुनवाई पूरी तरह नियम विरुद्ध है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की इस लड़ाई में वे पूरी तरह साथ हैं और जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने मीडिया से कहा कि ग्रामीण आगामी 11 नवंबर को होने वाली जनसुनवाई में अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रशासन लोगों को समझा रहा है कि वे शांति बनाए रखें और अपने घर लौट जाएं।
देर शाम तक ग्रामीण सड़क पर डटे रहे और "सरकार अडानी की दलाल है" जैसे नारे लगाते रहे। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर मौजूद रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी।
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