रायगढ़ , जनवरी 12 -- छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में राशन कार्ड के लिए अनिवार्य की गई ई-केवाईसी प्रक्रिया आमजन के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। कांग्रेस कमेटी रायगढ़ ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए सोमवार को जिला कलेक्टर से मुलाकात कर स्थिति से अवगत कराया।

कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकारी राशन दुकानों के संचालक ई-केवाईसी प्रक्रिया को जटिल बताकर आम उपभोक्ताओं को अनावश्यक रूप से परेशान कर रहे हैं। जबकि ई-केवाईसी की सुविधा राशन दुकानों में ही उपलब्ध होने के बावजूद लोगों को नगर निगम और अन्य कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

प्रक्रिया में देरी के कारण जिले के सैकड़ों राशन कार्डधारी सरकारी राशन से वंचित हो रहे हैं। इसका सबसे अधिक असर उन गरीब परिवारों पर पड़ रहा है, जिनकी आजीविका पूरी तरह हर महीने मिलने वाले सार्वजनिक वितरण प्रणाली के राशन पर निर्भर है।

कांग्रेस पार्टी के पार्षदों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने जनदर्शन के दौरान जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपते हुए इस समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए रायगढ़ कलेक्टर ने जिला खाद्य अधिकारी को तत्काल व्यवस्था सुधारने और हितग्राहियों को राहत देने के निर्देश दिए हैं।

कांग्रेस प्रतिनिधियों का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में राजनीतिक संरक्षण प्राप्त राशन दुकानों की मनमानी के कारण ई-केवाईसी, राशन वितरण और बच्चों के नाम जोड़ने जैसी प्रक्रियाओं में अनावश्यक अड़चनें उत्पन्न की जा रही हैं। ई-केवाईसी के नाम पर राशन न दिया जाना खाद्य सुरक्षा अधिकार का उल्लंघन है।

कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो यह अव्यवस्था बड़े पैमाने पर कालाबाजारी की ओर इशारा करती है, जिसकी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन दोनों पर होगी।

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