अयोध्या , दिसम्बर 28 -- आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू रविवार को आध्यात्मिक नगरी अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में विराजमान रामलला के दर्शन-पूजन कर धार्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता की। रामनगरी आगमन पर मुख्यमंत्री ने सबसे पहले रामलला के समक्ष शीश नवाया और विधिविधान से पूजन-अर्चन कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

इसके उपरांत मुख्यमंत्री मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला पहुंचे, जहां रामलला की प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर चल रहे वैदिक अनुष्ठानों में उन्होंने आहुति प्रदान की। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुए हवन-पूजन में सहभागिता कर उन्होंने भारतीय सनातन परंपरा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। अनुष्ठान के पश्चात उन्होंने पूरे राम मंदिर परिसर का भ्रमण किया और निर्माण कार्य, स्थापत्य शैली एवं व्यवस्थाओं का अवलोकन किया।

इस दौरान राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया, जबकि जगतगुरु माध्वाचार्य ने उन्हें आशीर्वाद प्रदान किया। मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं ने भी मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया, जिसे उन्होंने हाथ जोड़कर स्वीकार किया। मुख्यमंत्री के साथ निर्माण सचिव गोपाल जी एवं कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही भी उपस्थित रहे।

इससे पहले मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू पूर्वाह्न 11 बजे सरकारी विमान से महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचे, जहां प्रभारी मंत्री सूर्य प्रताप शाही, विधायक वेद प्रकाश गुप्ता, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव, शैलेन्द्र कोरी जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुंडे ने उनका स्वागत किया।

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री नायडू ने कहा कि रामराज्य किसी भी सरकार के लिए आदर्श और बेंचमार्क है। उन्होंने विश्वास जताया कि राम मंदिर आध्यात्मिक मूल्यों के सुदृढ़ीकरण और सांस्कृतिक एकता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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