लखनऊ, फरवरी 12 -- रामपुर में बुधवार को एक अधिवक्ता की गोली मारकर हत्या करने के विरोध में उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में गुरुवार को वकीलों ने कार्य बहिष्कार किया।

देवरिया में हत्या के विरोध में दिवानी और कलेक्ट्रेट कचहरी के दर्जनों अधिवक्ता कार्य बहिष्कार कर परिसर में शासन-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किये। डिस्ट्रिक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज मिश्रा और कलेक्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रीतम मिश्रा बताया कि रामपुर एक अधिवक्ता फारूख अहमद खान की निर्मम हत्या के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया है। बार एसोसिएशन के दोनों अध्यक्षों ने मांग किया है कि वकील के हत्यारों तत्काल गिरफ्तार कर मामले को एफटीसी कोर्ट में लगाकर तत्काल फांसी दिया जाय।

रायबरेली की विभिन्न बार एसोसिएशन ने अधिवक्ता की गोली मारकर की गई हत्या का विरोध करते हुए प्रस्ताव पारित कर न्यायिक कार्यो से विरक्त रहने की घोषणा करते हुए घटना की कड़े शब्दों में निंदा की और अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट को सरकार द्वारा लागू कराने की भी मांग की।

गौरतलब है कि रामपुर में बुधवार दोपहर अधिवक्ता फारूक अहमद खां (50) की एक लिपिक ने दिनदहाड़े अपनी लाइसेंसी रिवाल्वर गोली मारकर हत्या कर दी थी। अधिवक्ता जिला पंचायत में कार्यरत अपनी पत्नी और बाबू के बीच विवाद को सुलझाने गए थे। बताया जा रहा है कि सदर कोतवाली के मोहल्ला नालापार निवासी अधिवक्ता की पत्नी गौसिया निशी जिला पंचायत के कार्यालय में कार्यरत हैं। यहीं पर थाना पटवाई क्षेत्र के मिलक तहव्वर नया गांव का रहने वाला असगर अली भी बाबू है। दोपहर करीब एक बजे गौसिया निशी और बाबू असगर अली के बीच कुछ हॉट टॉक हुई थी। इसी बात को लेकर गौसिया ने अपने पति अधिवक्ता फारुख अली खान को कॉल करके बुला लिया। फारुख सीधे असगर अली के पास उसके केबिन में गए। वहां दोनों में कहासुनी होने लगी। देखते ही देखते दोनों के बीच हाथापाई होने लगी। इस बीच अधिवक्ता को गोली मार दी गई।

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