रामनगर 30जनवरी (वार्ता) उत्तराखंड में रामनगर क्षेत्र में कुमाऊं और गढ़वाल को जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग -309 पर धनगढ़ी और पनोद बरसाती नालों पर बनाए जा रहे पुल लगभग तैयार हो चुके हैं। वर्षों से बरसात के मौसम में उफान पर रहने वाले इन नालों के कारण जहां यातायात बाधित होता था, वहीं अब तक बारह से अधिक लोगों की जान भी जा चुकी है।

हर साल मानसून के दौरान इन नालों में अचानक तेज बहाव आ जाता था, जिससे वाहन चालकों और राहगीरों को जान जोखिम में डालकर इन्हें पार करना पड़ता था। कई बार राष्ट्रीय राजमार्ग पर घंटों जाम की स्थिति बन जाती थी और आपात सेवाएं तक प्रभावित होती थीं। स्थानीय लोगों की लंबे समय से मांग थी कि इन नालों पर स्थायी पुलों का निर्माण किया जाए।

गौरतलब है कि धनगढ़ी और पनोद नालों पर पुल निर्माण की प्रक्रिया वर्ष 2020 में शुरू हुई थी। तत्कालीन राज्यसभा सांसद एवं वर्तमान पौड़ी लोकसभा सांसद अनिल बलूनी की पहल पर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी द्वारा इन पुलों के लिए केंद्र सरकार से करीब 14 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी। धनगढ़ी नाले पर 150 मीटर लंबे पुल की लागत 7.65 करोड़ रुपये, जबकि पनोद नाले पर 90 मीटर लंबे पुल की लागत 6.35 करोड़ रुपये तय की गई थी। नवंबर 2020 में दोनों पुलों का निर्माण कार्य शुरू भी कर दिया गया था।

हालांकि, निर्माण के दौरान हाथी कॉरिडोर को लेकर वन विभाग द्वारा आपत्ति जताई गई, जिसके चलते कार्य को बीच में रोकना पड़ा। इस कारण परियोजना में लंबा विलंब हुआ और लोगों को हर मानसून में उसी खतरे से जूझना पड़ा। बाद में वन विभाग के साथ कई स्तरों पर चर्चा के बाद संशोधित डिजाइन को मंजूरी दी गई, जिसमें पुल की चौड़ाई 6.5 मीटर और सड़क की चौड़ाई 12 मीटर रखी गई।

संशोधित डिजाइन को स्वीकृति मिलने के बाद मई 2024 में दोबारा निर्माण कार्य शुरू हुआ, जो तब से लगातार प्रगति पर रहा। वर्तमान स्थिति की बात करें तो धनगढ़ी नाले पर बना पुल लगभग पूरी तरह तैयार हो चुका है और उस पर अंतिम चरण का काम चल रहा है।

स्थानीय अधिकारियों के अनुसार अगले 10 से 15 दिनों में धनगढ़ी पुल पूरी तरह तैयार हो जाएगा। वहीं पनोद नाले पर बना पुल भी लगभग पूर्ण है और बरसात से पहले दोनों पुलों पर यातायात शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।

इन पुलों के बन जाने से अब मानसून के दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग -309 पर यातायात बाधित नहीं होगा और लोगों को जान जोखिम में डालकर नाले पार नहीं करने पड़ेंगे। कुमाऊं और गढ़वाल को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग अब हर मौसम में सुरक्षित और सुचारू रहेगा।

पुलों के लगभग तैयार होने से स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यह पुल न सिर्फ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, बल्कि पर्यटन, व्यापार और रोजमर्रा की आवाजाही को भी बड़ा सहारा देंगे। वर्षों बाद बनकर तैयार हो रहे ये पुल सच मायनों में रामनगर क्षेत्र के लिए उम्मीदों का पुल साबित हो रहे।

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