रामनगर , जनवरी 19 -- उत्तराखंड के रामनगर क्षेत्र में कोसी और दाबका नदियों में खनन निकासी का कार्य शुरू होते ही विरोध के स्वर भी तेज हो गए हैं। कोसी नदी के कठिया पुल स्थित खनन निकासी गेट पर 10 टायर वाले वाहनों के प्रवेश को लेकर ट्रांसपोर्टरों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में सोमवार को ट्रांसपोर्टरों ने कठिया पुल खनन निकासी गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया।

आक्रोशित ट्रांसपोर्टरों ने खनन निकासी गेट पर तालाबंदी कर वन विभाग और वन निगम के खिलाफ नारेबाजी करते हुए गेट को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया। प्रदर्शन कर रहे ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि पूर्व वर्षों में इस गेट पर 10 टायर वाले वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित था, लेकिन इस वर्ष अचानक इन वाहनों का पंजीकरण कर दिया गया है।

ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि 10 टायर वाले वाहनों के पंजीकरण से छह टायर वाले वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉली संचालकों के सामने रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। उनका आरोप है कि अधिकारियों द्वारा पहले यह कहा गया था कि इस गेट पर केवल 20 प्रतिशत 10 टायर वाले वाहनों का ही पंजीकरण किया जाएगा, लेकिन वर्तमान में 50 प्रतिशत से अधिक 10 टायर वाले वाहन पंजीकृत हो चुके हैं।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भारी वाहनों की संख्या बढ़ने से एक ओर जहां छोटे वाहन स्वामियों की आमदनी प्रभावित हो रही है, वहीं दूसरी ओर सड़क दुर्घटनाओं की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं। ट्रांसपोर्टरों ने मांग की है कि कठिया पुल खनन निकासी गेट पर तत्काल प्रभाव से 10 टायर वाले वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए। मांग पूरी न होने तक गेट को अनिश्चितकाल के लिए बंद रखने की चेतावनी भी दी गई है।

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