अलवर , मई 02 -- राजस्थान में अलवर जिले के चौमा गांव में एक बड़े राशन घोटाले का मामला सामने आया है, जिसमें उचित मूल्य दुकान संचालक द्वारा हजारों किलो गेहूं के गबन का खुलासा हुआ है।
जांच के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए दुकानदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज करवाई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 20 जनवरी 2026 को प्रवर्तन अधिकारी रणधीर सिंह द्वारा उचित मूल्य दुकान की जांच की गई। जांच के दौरान पीओएस मशीन में गेहूं का ऑनलाइन स्टॉक 37 हजार 727 किलो दर्शाया गया, लेकिन जब दुकान का भौतिक सत्यापन किया गया तो वहां गेहूं का एक दाना भी मौजूद नहीं मिला। इस भारी अंतर ने पूरे मामले को संदिग्ध बना दिया।
जांच में यह भी सामने आया कि दुकानदार किशोर सिंह द्वारा आवश्यक दस्तावेज, जैसे प्राधिकार पत्र और ब्लूप्रिंट नक्शा भी प्रस्तुत नहीं किए गए। इससे साफ जाहिर हुआ कि वितरण प्रणाली में गंभीर अनियमितताएं बरती जा रही थीं।
जिला रसद अधिकारी के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए पुलिस थाना रामगढ़ में आरोपी दुकानदार के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही दुकान संचालक को निलंबित भी कर दिया गया है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और संबंधित दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया है।
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