रायपुर , मार्च 19 -- छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल में सीवरेज टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस से तीन सफाईकर्मियों की मौत का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर गूंज रहा है। मंगलवार को हुए इस दर्दनाक हादसे के बाद गुरुवार को राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग ने जांच शुरू कर दी है, जबकि रायपुर पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

गत 17 मार्च को अस्पताल परिसर के पीछे बने सीवरेज टैंक की सफाई के लिए उतरे चार सफाईकर्मी जहरीली गैस की चपेट में आ गए। कुछ ही मिनटों में सभी बेहोश हो गए। उन्हें बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां अनमोल मांझी, गोविंद सेंद्रे और सत्यम कुमार को मृत घोषित कर दिया गया, जबकि एक अन्य की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि टैंक के भीतर जहरीली गैस भरी हुई थी और पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए थे।

हादसे के बाद मृतकों के परिजनों ने भी अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सफाईकर्मियों को बिना सुरक्षा उपकरणों के टैंक में उतारा गया, जो उनकी मौत का कारण बना। घटना के बाद अस्पताल परिसर के बाहर भारी आक्रोश देखने को मिला।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा कि सफाई के नाम पर इस तरह मजदूरों की जान जाना बेहद गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्पष्ट रूप से लापरवाही का मामला है और जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से मांग की कि दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो ।

इस बीच मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए न केवल दोषियों पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए, बल्कि पूरे राज्य में सीवरेज सफाई व्यवस्था को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी स्थिति में मैनुअल स्कैवेंजिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जबरन यह कार्य कराने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीवरेज और सेप्टिक टैंक की सफाई केवल नगर निगम या अधिकृत पंजीकृत एजेंसियों के माध्यम से ही कराई जाए। इसके साथ ही प्रत्येक सफाईकर्मी को सुरक्षा उपकरण-जैसे गैस डिटेक्टर, ऑक्सीजन सपोर्ट, सेफ्टी किट और प्रशिक्षण-उपलब्ध कराना अनिवार्य किया जाए। सीएम ने यह भी कहा कि सभी जिलों में इस प्रकार के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और जहां भी नियमों का उल्लंघन मिले, वहां तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

आज मामला और गंभीर हो गया जब राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष हरदीप सिंह गिल रायपुर पहुंचे। उन्होंने भाटागांव स्थित बीएसयूपी कॉलोनी में मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और इसके बाद अस्पताल पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए जांच शुरू की। आयोग की जांच में सुरक्षा मानकों के पालन और संभावित लापरवाही के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

इस बीच आज रायपुर पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए ठेकेदार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) के तहत मामला दर्ज कर लिया। पुलिस के अनुसार, जांच में अन्य जिम्मेदारों की भूमिका भी सामने आने पर उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

हादसे के बाद अब रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल प्रबंधन ने घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए प्रत्येक पीड़ित परिवार को 30-30 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की।

यह हादसा एक बार फिर सीवरेज सफाई जैसे जोखिम भरे कार्यों में सुरक्षा मानकों के पालन पर बड़े सवाल खड़े करता है। अब राष्ट्रीय स्तर पर शुरू हुई जांच और प्रशासनिक कार्रवाई के बाद जिम्मेदारों की जवाबदेही तय होना सबसे बड़ी कसौटी होगी।

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