बीजापुर , मार्च 31 -- त्तीसगढ के बीजापुर जिले में 25 नक्सलियों ने 93 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है। आत्म समर्पित नक्सलियों पर 1.47 करोड़ रुपयों का ईनाम घोषित था। सुरक्षा बलों के कैंप पर हमला, पुलिस पार्टी पर हमला जैसे संगीन आरोपों से घिरे नक्सलियों ने नक्सलवाद के खात्मे की आखिरी तारीख को हिंसा छोड़ देने का फैसला किया है। 12 महिला एवं 13 पुरुष नक्सली मिनपा, रानीबोदली जैसे बड़े नक्सल घटनाओं और मुठभेड़ों में शामिल रहे हैं।
बस्तर रेंज आईजी पी.सुंदरराज राज ने मंगलवार को बताया - वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में निर्णायक प्रगति दर्ज करते हुए जिले में "पूना मारगेम - पुनर्वास से पुनर्जीवन" पहल के अंतर्गत दण्डकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े 25 माओवादी कैडरों ने हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में वापसी की है। आत्मसमर्पण करने वाले इन कैडरों में 12 महिला सदस्य भी शामिल हैं। सभी पर मिलाकर 1.47 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था, जिससे यह आत्मसमर्पण नक्सल विरोधी अभियानों की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
आत्मसमर्पण के साथ ही सुरक्षा बलों ने बड़ी मात्रा में हथियार और संपत्ति भी बरामद की है। कुल 93 घातक हथियारों में 04 एके 47, 09 एसएलआर 01 इंसास एलएमजी, 07 इंसास राइफल, 01 कार्बाइन, 12 .303 राइफल, 01 पिस्टल, 07 सिंगल शॉट, 23 बीजीएल लॉन्चर, 03 .315 बोर और 14 बारह बोर बंदूकें शामिल हैं। इसके अलावा 14.06 करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद की गई, जिसमें 2.90 करोड़ नकद और 7.20 किलोग्राम सोना (करीब 11.16 करोड़ रुपये मूल्य) शामिल है। यह बरामदगी माओवादी इतिहास की सबसे बड़ी रिकवरी मानी जा रही है।
आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों में वरिष्ठ स्तर के पदाधिकारी भी शामिल हैं। इनमें मंगल कोरसा उर्फ मोटू, आकाश उर्फ फागु उईका, शंकर मुचाकी, राजू रैयाम उर्फ मुन्ना और पाले कुरसम जैसे सक्रिय माओवादी शामिल हैं, जिन्होंने संगठन की विचारधारा को औचित्यहीन बताते हुए मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
मंगल कोरसा उर्फ मोटू (निवासी मुनगा, थाना गंगालूर, जिला बीजापुर) पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था। वह कंपनी नंबर 02 में प्लाटून कमांडर के रूप में सक्रिय था और एके 47 से लैस था। वर्ष 1997 में बाल संघम से जुड़ने के बाद उसने कई बड़ी घटनाओं में भाग लिया। इनमें 2006 मुरकीनार कैंप हमला, 2007 रानीबोदली हमला, 2008 तड़केल एम्बुश, 2010 मीनपा मुठभेड़, 2020 मीनपा घटना, 2021 टेलगुड़ियम मुठभेड़, 2024 धरमारम कैंप हमला और 2025 हकवा मुठभेड़ जैसी घटनाएं शामिल हैं।
आकाश उर्फ फागु उईका (निवासी कमकानार, थाना गंगालूर) पर भी 8 लाख रुपये का इनाम था। वह माड़ डिवीजन की कंपनी नंबर 07 में प्लाटून कमांडर के रूप में सक्रिय रहा और एके 47 से लैस था। उसने वर्ष 2004 में संगठन जॉइन किया और लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई।
शंकर मुचाकी (निवासी गोरना, थाना बीजापुर) पश्चिम बस्तर डिवीजन में प्लाटून नंबर 12 का कमांडर था। उस पर 8 लाख रुपये का इनाम घोषित था और वह एके 47 से लैस था। उसने 2012 मुतवेंडी हमला, 2013 नुकनपाल एम्बुश, 2018 तुमला नाला IED ब्लास्ट, 2020 मीनपा एम्बुश, 2023 गलगम एम्बुश और 2024 धरमारम-टेकलगुड़ा कैंप हमले जैसी कई बड़ी घटनाओं में भाग लिया।
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