कोलंबो , अप्रैल 19 -- उप राष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने अपनी दो दिवसीय श्रीलंका यात्रा के पहले दिन रविवार को राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके और प्रधानमंत्री डॉ. हरिनी अमरसूर्या के साथ उच्च-स्तरीय द्विपक्षीय वार्ता की।
बैठक के केंद्र में आर्थिक सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा रहे, जहां श्रीलंका ने आर्थिक संकट और हालिया प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भारत की 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' की भूमिका और 'ऑपरेशन सागर बंधु' के तहत मिली त्वरित सहायता के लिए आभार व्यक्त किया।
विदेश सचिव विक्रम मिसरी ने इसकी जानकारी आधिकारिक मीडिया ब्रीफिंग में दी। उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच कनेक्टिविटी और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। बैठक के दौरान भारत और श्रीलंका के बीच एक साझा ऑयल पाइपलाइन बिछाने के प्रस्ताव पर गहन चर्चा हुई। साथ ही, त्रिंकोमाली को एक बड़े ऊर्जा केंद्र के रूप में विकसित करने की योजनाओं पर भी सहमति बनी है।
विदेश सचिव के अनुसार, यह कदम श्रीलंका की ऊर्जा जरूरतों को सुरक्षित करने और दोनों देशों के आर्थिक एकीकरण को नयी दिशा देने वाला साबित होगा।
राजनयिक वार्ता और क्षेत्रीय चुनौतियां को लेकर भी उपराष्ट्रपति और श्रीलंका के शीर्ष नेतृत्व के बीच चर्चा हुई। इसमें पश्चिम एशिया संकट से उत्पन्न वैश्विक आर्थिक अस्थिरता और इसके श्रीलंका पर पड़ने वाले प्रभावों पर भी इस दौरान बात हुई। भारत ने स्पष्ट किया कि वह संकट की इस घड़ी में श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है। इन मुलाकातों को दोनों देशों के बीच हाल के वर्षों में बढ़ी उच्च-स्तरीय कूटनीतिक सक्रियता के और विस्तार के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य हिंद महासागर क्षेत्र में स्थिरता और विकास को बढ़ावा देना है।
आज के अन्य कार्यक्रमों में उप राष्ट्रपति ने श्रीलंका की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए वेलावट्टे स्थित कथिरेसन कोविल और हुनूपिटिया के प्रसिद्ध गंगारामय मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके पश्चात, उन्होंने श्रीलंका में रह रहे भारतीय समुदाय के साथ एक विशेष संवाद सत्र में भाग लिया। उन्होंने भारत-श्रीलंका के सभ्यतागत संबंधों को मजबूत करने में प्रवासी भारतीयों की भूमिका की सराहना की।
इससे पहले आज सुबह कोलंबो पहुंचने पर कटुनायके हवाई अड्डे पर श्रीलंका के मंत्री सुनील कुमार गमागे ने उनका स्वागत किया था।
अपनी यात्रा के दूसरे दिन सोमवार को उप राष्ट्रपति नुवारा एलिया क्षेत्र का दौरा करेंगे। यहां वह विशेष रूप से बागान श्रमिकों के लिए भारत सरकार के वित्त पोषित आवास परियोजनाओं के तीसरे और चौथे चरण की प्रगति का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान वह 'मलैयागम' समुदाय के सदस्यों से मिलकर उनकी समस्याओं और भारत के सहयोग पर चर्चा करेंगे।
अपनी यात्रा के समापन से पहले, उप राष्ट्रपति प्रसिद्ध सीता अम्मन मंदिर में दर्शन करेंगे और फिर स्वदेश के लिए प्रस्थान करेंगे।
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