नयी दिल्ली , फरवरी 02 -- राज्य सभा में मंगलवार को मनोनीति सदस्य सी. सदानंद मास्टर रेड्डी के भाषण के दौरान उनके कृत्रिम अंग को सीट पर रखे होने को लेकर केरल में सत्तारूढ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) सदस्यों ने आपत्ति की और व्यवस्था का प्रश्न उठाया।
केरल की राजनीतिक हिंसा में दोनों पैर गवां चुके मनोनीत सदस्य श्री मास्टर सदन में अपना पहला वक्तव्य दे रहे थे। उन्होंने बजट सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में पहले वक्ता के रूप में भाग लेते माकपा सदस्यों की आपत्ति पर कहा , "माकपा लोकतंत्र की बात करती है पर आप असहिष्णु हैं।" उन्होंने कहा कि उनकी वर्तमान स्थिति 35 वर्ष पूर्व ऐसी ही अहिष्णुता के कृत्य के चलते हुई है। उन्होंने अपनी दिव्यांगता के बाद भी सदन के लिए मनोनीत किये जाने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति आभार जताया।
माकपा सदस्यों ने इस पर टोका-टोकी शुरू कर दी। इसी पार्टी के सदस्य जॉन ब्रिटास ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि सदन की व्यवस्था के अनुसार किसी सदस्य द्वारा 'किसी वस्तु को प्रदर्शन नहीं किया जा सकता।'सभापति सीपी राधाकृष्णन ने इस पर कहा कि यह काई ऐसी वस्तु नहीं बल्कि सदस्य का कृत्रिम अंग है। उन्होंने व्यवस्था का प्रश्न उठाने वाले विपक्षी सदस्य को कई मौकों पर विपक्ष की ओर से सदन में तख्तियों के प्रदर्शन की याद दिलायी। श्री मास्टर ने इस दौरान अपने कृत्रिम अंग अपनी सीट के बगल में रख लिये और कहा कि उन्होंने केवल अपना अंग रखा था।
सभापति राधाकृष्णन ने सदस्यों से शांत रहने की अपील करते हुए कामना की कि सदस्य के इन कृत्रिम अंगों के साथ अब कुछ नहीं होगा।
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