चंडीगढ़ , फरवरी 24 -- पंजाब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अनुसूचित जाति मोर्चा, के उपाध्यक्ष परमजीत सिंह कैंथ ने मंगलवार को, गुरदासपुर जिले में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास एक पुलिस चौकी पर पंजाब पुलिस के दो जवानों की बेरहमी से हत्या की घटना को अत्यंत दुखद और गंभीर बताया है।

उन्होंने कहा कि यह केवल कानून-व्यवस्था पर हमला नहीं है, बल्कि सीमा से जुड़े संवेदनशील राज्य की आंतरिक सुरक्षा पर सीधी चोट है। उन्होंने शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ के रुख का समर्थन करते हुए श्री कैंथ ने इस मामले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) से करानेकी मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि घटना की गंभीरता और स्थान को देखते हुए जांच को केवल राज्य स्तर तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं होगा। खासकर जब यह घटना अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास हुई है, तब किसी बड़ी और संगठित साजिश की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

श्री कैंथ ने कहा कि हाल के समय में अमृतसर में पुलिस थानों को धमकियां, राज्य के विभिन्न हिस्सों में पुलिस ठिकानों पर कई ग्रेनेड हमले, मोहाली में पुलिस मुख्यालय को निशाना बनाया जाना और उच्च सुरक्षा जेलों के भीतर से अपराधी गिरोहों का सक्रिय रहना, ये सभी घटनाएं पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था पर बढ़ते दबाव को दिखाती हैं। ड्रोन के जरिए हथियारों और नशीले पदार्थों की तस्करी ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है। उन्होंने मान सरकार की आलोचना की और कहा कि संवेदनशील सुरक्षा मामलों को संभालने में सरकार की इच्छाशक्ति कमज़ोर है। कानून-व्यवस्था बनाये रखना राज्य की मुख्य ज़िम्मेदारी है, लेकिन मौजूदा हालात में यह ज़िम्मेदारी ठीक से नहीं निभाई जा रही है। बढ़ते हमले और तस्करी के मामले चिंताजनक हैं, कैंथ ने सुरक्षा ढांचे की समीक्षा की मांग की।

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि इस हमले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष और व्यापक जांच सुनिश्चित करने के लिए तुरंत एनआईए जांच के आदेश दिये जायें। उन्होंने कहा कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके।

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