मुंबई , मार्च 24 -- कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार ने मंगलवार को महाराष्ट्र विधानसभा में आरोप लगाया कि राज्य से वित्त पोषित हाफकिन संस्थान सार्वजनिक स्वास्थ्य के बजाय एक निजी कंपनी के हितों को प्राथमिकता दे रहा है।

श्री वडेट्टीवार ने 'सूचना के बिंदु' के माध्यम से इस मुद्दे को उठाते हुए दावा किया कि जीवन रक्षक टीकों में इस्तेमाल होने वाली एक अत्यंत मूल्यवान जैविक संपत्ति 'स्ट्रेन' को एक निजी इकाई को हस्तांतरित करने का संदिग्ध प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने डीपीटी (ट्रिपल) वैक्सीन बनाने के लिए उपयोग किए जाने वाले इस स्ट्रेन को एक दुर्लभ और ऐतिहासिक वैज्ञानिक संसाधन बताया।

विधायक के अनुसार, रिलायंस लाइफ साइंसेज के एक प्रस्ताव के तुरंत बाद इस प्रक्रिया में तेजी आई और संस्थान ने कथित तौर पर पर्याप्त जांच-पड़ताल के बिना 'अभिरुचि की अभिव्यक्ति' (ईओआई) शुरू कर दी। उन्होंने इस जैविक संपत्ति का मूल्य लगभग 1,500 करोड़ रुपये होने का अनुमान लगाया।

श्री वडेट्टीवार ने सवाल किया कि जब हाफकिन संस्थान के पास स्वयं टीके बनाने की क्षमता है, तो इतना महत्वपूर्ण और उच्च मूल्य वाला संसाधन किसी को क्यों सौंपा जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि एक सरकारी संस्थान अपनी उत्पादन क्षमता को मजबूत करने के बजाय निजी हितों का पक्ष लेता दिख रहा है।

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