पटना , दिसंबर 16 -- बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने मंगलवार को कहा कि राज्य के लघु एवं सीमांत किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों की सहज, सुलभ एवं किफायती उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कृषि रोड मैप के अंतर्गत राज्य के प्रत्येक पंचायत में कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना की जाएगी।
मंत्री श्री यादव ने आज बयान जारी कर कहा कि आज भी बड़ी संख्या में किसान आर्थिक मजबूरियों के कारण आधुनिक कृषि यंत्र खरीदने में असमर्थ हैं। उन्होंने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर ऐसे किसानों के लिए वरदान सिद्ध होंगे, जहां से वे मामूली किराए पर जुताई, बुआई/रोपनी, कटाई, हार्वेस्टिंग एवं थ्रेसिंग जैसे कार्यों के लिये सभी प्रकार के आधुनिक कृषि यंत्र प्राप्त कर सकेंगे। इससे खेती की लागत घटेगी, कार्य समय पर पूरे होंगे और उत्पादन एवं उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।उन्होंने कहा कि प्रत्येक कस्टम हायरिंग सेंटर की स्थापना के लिये अधिकतम 10 लाख रुपये की परियोजना लागत निर्धारित है, जिसके अंतर्गत स्थानीय फसल चक्र के अनुसार किसानों के लिए आवश्यक आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराए जाएंगे।
कृषि मंत्री ने बताया कि इस योजना का लाभ प्रगतिशील किसान, जीविका समूह, ग्राम संगठन, क्लस्टर फेडरेशन, आत्मा से संबद्ध फार्मर इंटरेस्ट ग्रुप (एफआईजी), नाबार्ड/राष्ट्रीयकृत बैंकों से संबद्ध किसान क्लब, कृषक उत्पादक संगठन (एफपीओ)/किसान उत्पादक कंपनी (एफपीसी), स्वयं सहायता समूह एवं पैक्स को दिया जा रहा है, जिससे गांव-गांव तक आधुनिक कृषि सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित हो सके।
श्री यादव ने बताया कि अब तक राज्य में 950 कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित किए जा चुके हैं तथा वित्तीय वर्ष 2025-26 में 267 नए कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने कहा कि इस योजना से एक ओर जहां लघु एवं सीमांत किसानों को सीधा लाभ मिलेगा, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। कस्टम हायरिंग सेंटर के संचालन, रख-रखाव एवं प्रबंधन से स्थानीय युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि बिहार में लगभग 90 प्रतिशत किसान लघु एवं सीमांत श्रेणी के हैं और उनका उत्थान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के "आत्मनिर्भर भारत" और "किसानों की आय दोगुनी" के संकल्प को साकार करने की दिशा में बिहार सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों के हर सुख-दुख में उनके साथ मजबूती से खड़ी है और खेती को आधुनिक, टिकाऊ एवं सम्मानजनक पेशा बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।उन्होंने कहा कि कस्टम हायरिंग सेंटर की यह व्यापक पहल बिहार के किसानों को नई तकनीक से जोड़ेगी, खेती में उनका भरोसा बढ़ाएगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करते हुए राज्य को कृषि के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
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