पटना , जनवरी 14 -- बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बुधवार को बताया कि राज्य आयुष समिति प्रदेश में राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए पांच बड़े विशेष कार्यक्रमों सुप्रजा,मोबाईल मेडिकल यूनिट,वयोमित्र ,आयुर्विद्या और फाइलेरिया कार्यक्रम का संचालन करेगी।

श्री पांडेय ने आज बयान जारी कर कहा कि इस कार्यक्रम के क्रियान्वयन में योग,आयुर्वेद और विशिष्ट चिकित्सा पर जोर दिया जाएगा। वहीं इस कार्यक्रम के तहत राज्य के सुदूर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों तक विशिष्ट चिकित्साएं पहुंचाई जा सकेंगी।

मंत्री श्री पांडेय ने कहा कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के लिए ''सुप्रजा'' कार्यक्रम को पटना, दरभंगा, बक्सर, भागलपुर और बेगूसराय के राजकीय आयुर्वेदिक एवं तिब्बी कॉलेजों के माध्यम से संचालित किया जाएगा। साथ ही, राज्य के बुजुर्गों को वृद्धावस्था की बीमारियों से राहत देने के लिए जिला स्तर पर ''वयोमित्र'' शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिससे आयुष चिकित्सा की पहुँच सीधे आम जनता तक सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को समावेशी बनाते हुए विभाग ने आदिवासी क्षेत्रों और स्कूलों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया है। रोहतास, भोजपुर, पूर्णिया, मुंगेर, कटिहार भागलपुर और पश्चिम चंपारण जैसे जिलों में ''मोबाइल मेडिकल यूनिट'' के जरिए सुगम उपचार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, स्कूली बच्चों में स्वास्थ्य के प्रति चेतना जगाने के लिए "आयुर्विद्या" कार्यक्रम चलाया जाएगा, जिसके तहत राज्य के विद्यालयों में योग की जानकारी के माध्यम से जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे।

श्री पांडेय ने कहा कि संक्रामक रोगों की रोकथाम के लिए ''फाइलेरिया कार्यक्रम'' को भी इस मिशन में प्रमुखता दी गई है। इसके सफल क्रियान्वयन के लिए पटना, दरभंगा, बक्सर और भागलपुर के राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेजों के साथ-साथ समस्तीपुर और नालंदा जिलों में विशेष यूनिट्स की स्थापना किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन समन्वित प्रयासों का उद्देश्य राज्य के हर नागरिक को उनके क्षेत्र में ही आयुष पद्धति के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण और किफायती इलाज मुहैया कराना है।

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