चंडीगढ़ , मार्च 16 -- पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के अधिवक्ता और संवैधानिक मामलों के जानकार हेमंत कुमार ने बताया कि राज्यसभा चुनाव में यदि कोई विधायक अपनी पार्टी के खिलाफ वोट देता है तो उस पर दल-बदल विरोधी कानून लागू नहीं होता।
हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए सोमवार को विधानसभा परिसर के कमेटी रूम में सुबह नौ बजे से मतदान शुरू हुआ, जो शाम चार बजे तक चलेगा। इसके बाद शाम पांच बजे मतगणना होगी।
चुनाव मैदान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार संजय भाटिया, कांग्रेस के कर्मवीर सिंह बौद्ध और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के बीच मुकाबला है।
अधिवक्ता कुमार उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसलों के अनुसार राज्यसभा चुनाव में होने वाला मतदान विधानसभा सदन की कार्यवाही का हिस्सा नहीं माना जाता। इसलिए राजनीतिक दल अपने विधायकों को किसी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान के लिए आधिकारिक व्हिप जारी नहीं कर सकते।
अधिवक्ता कुमार के अनुसार विधायक अपनी इच्छा और विवेक से किसी भी उम्मीदवार के पक्ष में मतदान कर सकते हैं, मतदान से दूर रह सकते हैं या वोट को अमान्य भी कर सकते हैं। यदि कोई विधायक पार्टी लाइन के खिलाफ जाता है तो पार्टी उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई कर सकती है, लेकिन उसकी विधानसभा सदस्यता समाप्त नहीं कर सकती।
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