पटना , फरवरी 03 -- बिहार में 31 जनवरी को सभी सरकारी विद्यालयों में आयोजित अभिभावक- शिक्षक संगोष्ठी (पीटीएम) को राज्य के 66,799 विद्यालयों में से लगभग 65 प्रतिशत विद्यालयों में पीटीएम का सफल आयोजन हुआ।
आंकड़ों के अनुसार पटना में पीटीएम की रिपोर्टिंग दिसंबर के 31 प्रतिशत से बढ़कर जनवरी में 67 प्रतिशत हो गई, वहीं मधेपुरा में यह 26 प्रतिशत से बढ़कर 97.1 प्रतिशत और सहरसा में 27 प्रतिशत से बढ़कर 42 प्रतिशत तक पहुंची।
विश्लेषण से स्पष्ट हुआ है कि कक्षा 1 से 5 के विद्यार्थियों के अभिभावकों की सहभागिता अपेक्षाकृत अधिक रही, जबकि कक्षा 6 से 8 में पटना, सीवान और जमुई जिलों के विद्यालयों में सर्वाधिक अभिभावकों ने भाग लिया। जनवरी, 2026 की पीटीएम में विद्यालयों में विशेष उत्साह और सक्रिय सहभागिता देखने को मिली।
प्रदेश के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार के मार्गदर्शन में शुरू किये गये 'अभिभावक ऑफ द मंथ' पुरस्कार ने विद्यालय और समुदाय के बीच सकारात्मक संवाद को मजबूत किया। नियमित विद्यालय उपस्थिति और घर पर अध्ययन में सहयोग करने वाले जागरूक अभिभावकों को सम्मानित किया गया। साथ ही, बच्चों में अनुशासन, स्वच्छता और शैक्षणिक प्रगति को प्रोत्साहित करने के लिये 'स्टूडेंट ऑफ द मंथ' पुरस्कार भी प्रदान किये गये।
पीटीएम के दौरान बच्चों में मोबाइल फोन और सोशल मीडिया की बढ़ती लत पर भी विशेष चर्चा की गई। शिक्षकों ने अभिभावकों और छात्रों को इसके लाभ और दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुये संतुलित और विवेकपूर्ण उपयोग के लिये प्रेरित किया। कई विद्यालयों में इस विषय पर नाटक, रोल प्ले और कहानियों का मंचन भी किया गया।
प्राथमिक शिक्षा के निदेशक विक्रम विरकर ने बताया कि मई, 2025 से वार्षिक पीटीएम कैलेंडर के तहत प्रत्येक माह के अंतिम शनिवार को संगोष्ठियों का आयोजन किया जा रहा है, जिनकी एक निर्धारित थीम होती है। इस बार की थीम 'हम और आप मिलकर करेंगे बच्चों का समग्र विकास' रही। यह पहल बच्चों के शैक्षणिक, सामाजिक और नैतिक विकास को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
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